वित्त मंत्रालय: ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर GST के दावे झूठे
वित्त मंत्रालय ने 18 अप्रैल 2025 को कहा कि ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर GST लगाने पर विचार के दावे झूठे हैं, क्योंकि UPI पर कोई MDR नहीं लिया जाता और इसलिए GST लागू नहीं होता।
सारांश
वित्त मंत्रालय ने 18 अप्रैल 2025 को कहा कि सरकार द्वारा ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर GST लगाने पर विचार के दावे झूठे हैं और ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। GST मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) जैसे शुल्कों पर लगता है; चूँकि 30 दिसंबर 2019 की CBDT अधिसूचना के ज़रिए जनवरी 2020 से व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर MDR हटा दिया गया, इसलिए GST लागू नहीं होता। कम मूल्य के P2M UPI लेनदेन के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना चल रही है। UPI लेनदेन मूल्य 2019-20 के ₹21.3 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 तक ₹260.56 लाख करोड़ हो गया, और 2023 में वैश्विक रियल-टाइम लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी 49% रही (ACI वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024)।
मुख्य तथ्य
- स्पष्टीकरण
- ₹2,000 से अधिक UPI पर GST का कोई प्रस्ताव नहीं
- कारण
- जनवरी 2020 से P2M UPI पर MDR नहीं
- UPI मूल्य
- मार्च 2025 तक ₹260.56 लाख करोड़
- वैश्विक हिस्सा
- 2023 में रियल-टाइम लेनदेन का 49%
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
18 अप्रैल 2025 को वित्त मंत्रालय द्वारा बताई गई निम्नलिखित बातों पर विचार कीजिए: 1. GST भुगतान से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) जैसे शुल्कों पर लगता है। 2. व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर MDR जनवरी 2020 से हटा दिया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं; चूँकि UPI पर कोई MDR नहीं लिया जाता, इसलिए GST लागू नहीं होता।
वित्त मंत्रालय द्वारा उद्धृत ACI वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024 के अनुसार 2023 में वैश्विक रियल-टाइम लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी कितनी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 49%
49%, वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार।
वित्त मंत्रालय के अनुसार मार्च 2025 तक UPI लेनदेन का मूल्य कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹260.56 लाख करोड़
मार्च 2025 तक ₹260.56 लाख करोड़, जो 2019-20 में ₹21.3 लाख करोड़ था; ₹3,631 करोड़ वित्त वर्ष 2024 का प्रोत्साहन आवंटन था।