सीएसआईआर-आईजीआईबी टीम ने एच. पाइलोरी और उसके क्लैरिथ्रोमाइसिन-प्रतिरोधी उत्परिवर्तनों की पहचान के लिए फेलुदा क्रिस्पर परीक्षण अपनाया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 27 दिसंबर 2024 को बताया कि सीएसआईआर-आईजीआईबी के शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि फेलुदा क्रिस्पर परीक्षण कम लागत पर हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और उसके एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी उत्परिवर्तनों का पता लगा सकता है।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 27 दिसंबर 2024 की विज्ञप्ति के अनुसार क्रिस्पर-आधारित पेपर-स्ट्रिप परीक्षण फेलुदा को ग्रामीण क्षेत्रों के अपच (डिस्पेप्सिया) रोगियों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और उसके उत्परिवर्तनों की पहचान के लिए कम लागत वाली पॉइंट-ऑफ-केयर सेवा के रूप में विकसित किया जा सकता है। एच. पाइलोरी दुनिया की 43% से अधिक आबादी को संक्रमित करता है और पेप्टिक अल्सर, गैस्ट्राइटिस, अपच और यहां तक कि गैस्ट्रिक कैंसर का कारण बनता है। एंटीबायोटिक क्लैरिथ्रोमाइसिन के प्रति प्रतिरोध मुख्य रूप से जीवाणु के 23S राइबोसोमल आरएनए जीन में बिंदु उत्परिवर्तनों से होता है। वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी फेलो डॉ. श्रद्धा चक्रवर्ती और सीएसआईआर-आईजीआईबी के सहयोगियों ने गैस्ट्रिक बायोप्सी नमूनों में जीवाणु और उसकी 23S rDNA उत्परिवर्तन स्थिति का पता लगाने के लिए इंजीनियर्ड Cas9 प्रोटीन en31-FnCas9 का उपयोग किया। क्लिनिकल भाग में एम्स नई दिल्ली और एम्स भुवनेश्वर शामिल थे, और अध्ययन माइक्रोकेमिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ।
मुख्य तथ्य
- परीक्षण
- फेलुदा लेटरल-फ्लो (पेपर-स्ट्रिप) क्रिस्पर परीक्षण
- लक्ष्य
- हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और उसके 23S rDNA उत्परिवर्तन
- पहचाना गया प्रतिरोध
- क्लैरिथ्रोमाइसिन (23S rRNA जीन में बिंदु उत्परिवर्तन)
- एंजाइम
- en31-FnCas9, फ्रांसिसेला नोविसिडा Cas9 जैसा इंजीनियर्ड Cas9
- संस्थान
- सीएसआईआर-आईजीआईबी; क्लिनिकल भाग एम्स नई दिल्ली और एम्स भुवनेश्वर में
- वैश्विक बोझ
- एच. पाइलोरी दुनिया की 43% से अधिक आबादी को प्रभावित करता है
- प्रकाशन
- माइक्रोकेमिकल जर्नल
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
27 दिसंबर 2024 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा बताया गया फेलुदा-आधारित पॉइंट-ऑफ-केयर परीक्षण किस जीवाणु का पता लगाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — हेलिकोबैक्टर पाइलोरी
पीआईबी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी): शोधकर्ताओं ने अपच रोगियों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और उसके उत्परिवर्तनों का पता लगाने के लिए फेलुदा को पॉइंट-ऑफ-केयर परीक्षण के रूप में विकसित किया।
दिसंबर 2024 में बताया गया फेलुदा परीक्षण एच. पाइलोरी के किस एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोध की पहचान कर सकता है, जो मुख्य रूप से उसके 23S राइबोसोमल आरएनए जीन में बिंदु उत्परिवर्तनों के कारण होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — क्लैरिथ्रोमाइसिन
पीआईबी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी): क्लैरिथ्रोमाइसिन के प्रति प्रतिरोध मुख्य रूप से एच. पाइलोरी के 23S राइबोसोमल आरएनए जीन में बिंदु उत्परिवर्तनों के कारण होता है, और en31-FnCas9 ने बायोप्सी नमूनों में 23S rDNA उत्परिवर्तन स्थिति की पहचान की।
दिसंबर 2024 में बताए गए फेलुदा-आधारित एच. पाइलोरी परीक्षण को किस सीएसआईआर प्रयोगशाला के शोधकर्ताओं ने विकसित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — सीएसआईआर-आईजीआईबी
पीआईबी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी): डॉ. श्रद्धा चक्रवर्ती और सीएसआईआर-आईजीआईबी के सहयोगियों ने एच. पाइलोरी के फेलुदा परीक्षण में en31-FnCas9 का उपयोग किया।