ईपीएफओ ने अंशदान संग्रह के लिए 15 और बैंक जोड़े, कुल संख्या 32
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 1 अप्रैल 2025 को अंशदान संग्रह के लिए 15 और सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौते किए, जिससे सूचीबद्ध बैंकों की संख्या 32 हो गई।
सारांश
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 1 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की उपस्थिति में 15 अतिरिक्त सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौते किए, जिससे नियोक्ताओं के मासिक अंशदान संग्रह के लिए सूचीबद्ध बैंकों की संख्या 17 से बढ़कर 32 हो गई। नए बैंकों से लगभग ₹12,000 करोड़ के वार्षिक संग्रह का सीधा भुगतान संभव होगा। मांडविया ने कहा कि ईपीएफओ ने 2024-25 में रिकॉर्ड 6 करोड़ से अधिक दावों का निपटान किया, जो 2023-24 के 4.45 करोड़ से 35% अधिक है, और 2.34 करोड़ दावे ऑटो-सेटलमेंट से निपटाए। ईपीएफओ के लगभग 8 करोड़ सक्रिय सदस्य और 78 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं।
मुख्य तथ्य
- नए बैंक
- 15, 1 अप्रैल 2025 को सूचीबद्ध
- कुल बैंक
- 32 (पहले 17)
- नए बैंकों से वार्षिक संग्रह
- लगभग ₹12,000 करोड़
- वित्त वर्ष 2024-25 में निपटाए दावे
- 6 करोड़ से अधिक, 35% अधिक
- ऑटो-सेटल दावे
- वित्त वर्ष 2024-25 में 2.34 करोड़
- सदस्य
- लगभग 8 करोड़ सक्रिय; 78 लाख से अधिक पेंशनभोगी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 अप्रैल 2025 को 15 और बैंक सूचीबद्ध करने के बाद कितने बैंक ईपीएफओ अंशदान एकत्र कर सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 32
पीआईबी (श्रम): ईपीएफओ पहले ही 17 बैंक सूचीबद्ध कर चुका था; 15 नए बैंकों से कुल संख्या 32 हो गई।
श्रम मंत्री के अनुसार ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2024-25 में कितने दावों का निपटान किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 6 करोड़ से अधिक
पीआईबी (श्रम): ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 6 करोड़ से अधिक दावों का निपटान किया, जो 2023-24 के 4.45 करोड़ से 35% अधिक है; 2.34 करोड़ दावे ऑटो-सेटल हुए।