छूटे श्रमिकों को EPFO में लाने के लिए कर्मचारी नामांकन योजना 2025 शुरू
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2025 को कर्मचारी नामांकन योजना 2025 की घोषणा की, जिसमें नियोक्ता 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच जुड़े पर EPF से छूटे कर्मचारियों को मात्र ₹100 जुर्माने पर नामांकित कर सकते हैं; योजना 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी।
सारांश
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2025 को EPFO के माध्यम से अधिक श्रमिकों को संगठित सामाजिक सुरक्षा में लाने के लिए कर्मचारी नामांकन योजना 2025 (EES 2025) की घोषणा की। 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाली यह योजना नियोक्ताओं को उन पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से घोषित और नामांकित करने देती है जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच जुड़े पर कभी EPF में नामांकित नहीं हुए। यदि वेतन से कटौती नहीं हुई थी तो पिछली अवधि का कर्मचारी अंशदान माफ होगा; नियोक्ता केवल अपना हिस्सा और ₹100 की एकमुश्त नाममात्र क्षतिपूर्ति देगा। जो कर्मचारी पहले ही छोड़ चुके हैं, उनके लिए EPFO स्वतः कार्रवाई नहीं करेगा। EES 2025 के तहत पंजीकृत नियोक्ता प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का लाभ भी ले सकेंगे। 2017 में ऐसी ही योजना 2009 से 2016 के छूटे श्रमिकों के लिए थी।
मुख्य तथ्य
- योजना
- कर्मचारी नामांकन योजना 2025 (EES 2025)
- अवधि
- 1 नवंबर 2025 – 30 अप्रैल 2026
- कवरेज
- 1 जुलाई 2017 – 31 अक्टूबर 2025 के बीच जुड़े, EPF से छूटे कर्मचारी
- राहत
- कटौती न होने पर कर्मचारी अंशदान माफ; ₹100 क्षतिपूर्ति
- संबंध
- PM विकसित भारत रोजगार योजना के पात्र
- पूर्व
- 2017 की योजना, 2009–2016 के लिए
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
EPFO की कर्मचारी नामांकन योजना 2025 किस अवधि में चालू रहेगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026
PIB: योजना 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक चालू रहेगी।
कर्मचारी नामांकन योजना 2025 के तहत नियोक्ता को कितनी दंडात्मक क्षतिपूर्ति देनी होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — केवल ₹100 एकमुश्त
PIB: योजना का लाभ लेने वाले नियोक्ताओं को केवल ₹100 की नाममात्र एकमुश्त दंडात्मक क्षतिपूर्ति देनी होगी।