2026 विधानसभा चुनावों में ज़ब्ती ₹400 करोड़ के पार: चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने 26 मार्च 2026 को बताया कि 26 फरवरी से पांच चुनावी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश और उपचुनाव वाले राज्यों में ₹408.82 करोड़ से अधिक के अवैध प्रलोभन ज़ब्त किए गए हैं।
सारांश
भारत निर्वाचन आयोग ने 26 मार्च 2026 को बताया कि 26 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS) सक्रिय होने के बाद 25 मार्च तक असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के आम चुनावों तथा छह राज्यों के उपचुनावों में ₹408.82 करोड़ से अधिक के प्रलोभन ज़ब्त किए गए। इनमें ₹17.44 करोड़ नकद और ₹37.68 करोड़ की शराब शामिल है। 100 मिनट में शिकायतों पर कार्रवाई करने वाले 5,173 से अधिक उड़न दस्ते और 5,200 से अधिक स्थैतिक निगरानी दल तैनात किए गए हैं।
मुख्य तथ्य
- ज़ब्ती
- ₹408.82 करोड़ से अधिक (26 फरवरी – 25 मार्च 2026)
- नकद / शराब
- ₹17.44 करोड़ नकद; ₹37.68 करोड़ की शराब
- प्रणाली
- इलेक्ट्रॉनिक सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS), 26 फरवरी से सक्रिय
- उड़न दस्ते
- 5,173+; 100 मिनट में शिकायत पर कार्रवाई
- स्थैतिक निगरानी दल
- 5,200+
- चुनाव
- असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल + 6 राज्यों में उपचुनाव
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
2026 विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग के उड़न दस्तों को शिकायतों पर कितने समय में कार्रवाई करनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 100 मिनट
5,173 से अधिक उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं ताकि शिकायतों पर 100 मिनट में कार्रवाई हो।
2026 के चुनावों में अवैध प्रलोभनों की ज़ब्ती दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग की प्रणाली क्या कहलाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ESMS (इलेक्ट्रॉनिक सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम)
ज़ब्ती इलेक्ट्रॉनिक सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS) से दर्ज होती है, जो 26 फरवरी 2026 को सक्रिय हुआ।
2026 विधानसभा चुनावों में ज़ब्ती (25 मार्च 2026 तक) के बारे में विचार कीजिए: 1. कुल ज़ब्ती ₹400 करोड़ के पार हुई। 2. ज़ब्ती का सबसे बड़ा हिस्सा नकद था। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कुल ज़ब्ती ₹408.82 करोड़ से अधिक रही, पर नकद केवल ₹17.44 करोड़ था – अकेले ₹37.68 करोड़ की शराब से भी कम – इसलिए कथन 2 गलत है।