केरल, असम और पुडुचेरी में 2.37 लाख से अधिक मतदाताओं को घर से मतदान की मंज़ूरी
चुनाव आयोग ने 30 मार्च 2026 को बताया कि 9 अप्रैल 2026 के चुनाव के लिए केरल, असम और पुडुचेरी में 2.37 लाख से अधिक बुज़ुर्ग (85+) और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान की मंज़ूरी मिली।
सारांश
भारत निर्वाचन आयोग ने 30 मार्च 2026 को बताया कि रिटर्निंग अधिकारियों ने 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव में केरल, असम और पुडुचेरी के 2.37 लाख से अधिक मतदाताओं को घर से मतदान की मंज़ूरी दी है। डाक मतपत्र से घर से मतदान, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(c) के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांगजनों के लिए वैकल्पिक सुविधा है। सबसे अधिक केरल में 85+ आयु के 1,45,521 मतदाताओं (ऐसे मतदाताओं का 71.27%) को मंज़ूरी मिली।
मुख्य तथ्य
- घर से मतदान मंज़ूर
- 2.37 लाख से अधिक (85+ के 1,67,361 और दिव्यांग 70,499)
- राज्य/UT
- केरल, असम, पुडुचेरी – मतदान 9 अप्रैल 2026
- कानूनी आधार
- जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(c)
- पात्र
- 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और चिह्नित दिव्यांगजन
- केरल (85+)
- 1,45,521 – 85+ मतदाताओं का 71.27%
- कार्यक्रम घोषित
- 15 मार्च 2026 (असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांगजनों के लिए वैकल्पिक घर से मतदान सुविधा किस प्रावधान के तहत दी जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(c)
चुनाव आयोग जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(c) के तहत वैकल्पिक घर से मतदान सुविधा देता है।
30 मार्च 2026 के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार किस राज्य में घर से मतदान के लिए मंज़ूर 85+ आयु के मतदाता सबसे अधिक थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — केरल
केरल में 85+ आयु के 1,45,521 मतदाताओं (71.27%) को मंज़ूरी मिली, जबकि असम में 19,774 और पुडुचेरी में 2,066।