ECI: जनता का कोई सदस्य ऑनलाइन वोट नहीं हटा सकता; आलंद में नाम हटाने के प्रयासों पर स्पष्टीकरण
भारत निर्वाचन आयोग ने 19 सितंबर 2025 को कहा कि जनता का कोई भी सदस्य ऑनलाइन वोट नहीं हटा सकता, और कर्नाटक के आलंद में नाम हटाने के 6,018 ऑनलाइन आवेदनों में से केवल 24 सही पाए गए।
सारांश
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 19 सितंबर 2025 को कहा कि जनता का कोई भी सदस्य ऑनलाइन वोट नहीं हटा सकता। मतदाता किसी प्रविष्टि को हटाने के लिए ऑनलाइन फ़ॉर्म 7 भर सकते हैं, लेकिन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत प्रभावित व्यक्ति को नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना कोई नाम नहीं हटाया जाता। कर्नाटक के आलंद में नाम हटाने के लिए फ़ॉर्म 7 के 6,018 आवेदन ऑनलाइन जमा हुए; केवल 24 सही पाए गए और स्वीकार किए गए, जबकि 5,994 अस्वीकार किए गए। आलंद के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने संदिग्ध प्रयासों पर फ़रवरी 2023 में FIR दर्ज कराई थी।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 19 सितंबर 2025, ECI वक्तव्य
- नियम
- निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960: हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई
- फ़ॉर्म
- फ़ॉर्म 7 (नाम हटाने का आवेदन)
- आलंद, कर्नाटक
- 6,018 आवेदन; 24 सही, 5,994 अस्वीकृत
- FIR
- संख्या 26/2023, आलंद थाना, 21 फ़रवरी 2023, ERO द्वारा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
सितंबर 2025 में ECI द्वारा उल्लिखित, मतदाता सूची से किसी प्रविष्टि को हटाने के लिए मतदाता कौन सा फ़ॉर्म भर सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — फ़ॉर्म 7
प्रविष्टि हटाने के आवेदन के लिए फ़ॉर्म 7 भरा जाता है; केवल इसे भरने से प्रविष्टि नहीं हटती।
19 सितंबर 2025 के ECI वक्तव्य के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत प्रभावित व्यक्ति को नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना कोई नाम नहीं हटाया जाता। 2. कर्नाटक के आलंद में नाम हटाने के 6,018 ऑनलाइन आवेदनों में से 5,994 स्वीकार किए गए। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1
केवल कथन 1 सही है: आलंद के 6,018 आवेदनों में से केवल 24 सही पाए गए और स्वीकार हुए, जबकि 5,994 अस्वीकार किए गए।