चुनाव आयोग: फॉर्म 17A की जांच के बाद बिहार चरण-I में पुनर्मतदान की जरूरत नहीं
भारत निर्वाचन आयोग ने 7 नवंबर 2025 को बताया कि फॉर्म 17A (मतदाता रजिस्टर) और मतदान दिवस के अन्य दस्तावेजों की मतदान-पश्चात जांच के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के चरण-I में मतदान वाले 121 विधानसभा क्षेत्रों में से किसी में भी पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई।
सारांश
बिहार चरण-I की जांच 121 रिटर्निंग अधिकारियों और 121 सामान्य पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में हुई, जिसमें लगभग 455 उम्मीदवारों या उनके एजेंटों ने भाग लिया; यह मतदान केंद्रों पर सूक्ष्म गड़बड़ी भी पकड़ने के लिए आयोग के समेकित निर्देशों के तहत हुई। किसी भी मतदान केंद्र पर कोई विसंगति नहीं मिली; पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई और फॉर्म 17A को रिटर्निंग अधिकारी की मुहर से फिर सील किया गया।
मुख्य तथ्य
- चुनाव
- बिहार विधानसभा चुनाव 2025, चरण-I
- निर्वाचन क्षेत्र
- 121
- जांचा गया दस्तावेज
- फॉर्म 17A (मतदाता रजिस्टर)
- प्रतिभागी
- 121 RO, 121 सामान्य पर्यवेक्षक, ~455 उम्मीदवार/एजेंट
- परिणाम
- पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
नवंबर 2025 में बिहार चरण-I की चुनाव आयोग की मतदान-पश्चात जांच में फॉर्म 17A क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — मतदाता रजिस्टर
चुनाव आयोग ने फॉर्म 17A को मतदाता रजिस्टर बताया, जिसकी जांच मतदान दिवस के अन्य दस्तावेजों के साथ हुई।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चरण-I में कितने विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 121
चरण-I में मतदान वाले सभी 121 विधानसभा क्षेत्रों में जांच हुई और पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं हुई।