UNGA 80 में विदेश मंत्री जयशंकर: 'संयुक्त राष्ट्र संकट की स्थिति में', सुरक्षा परिषद विस्तार की मांग
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की सामान्य बहस को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संकट की स्थिति में है, और सुरक्षा परिषद के विस्तार तथा आतंकवाद के विरुद्ध गहरे सहयोग की मांग की।
सारांश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की सामान्य बहस को संबोधित किया। विदेश मंत्री ने कहा कि एक निष्पक्ष रिपोर्ट कार्ड दिखाएगा कि संयुक्त राष्ट्र "संकट की स्थिति में" और "गतिरोध में" है, और सुधार का विरोध इसकी विश्वसनीयता में गिरावट का केंद्रीय कारण रहा है। आतंकवाद को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्रता के बाद से ऐसे पड़ोसी से इस चुनौती का सामना कर रहा है जो वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है, और आतंकी वित्तपोषण रोकने तथा प्रमुख आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों सदस्यता का विस्तार होना चाहिए, और "भारत अधिक ज़िम्मेदारियां लेने के लिए तैयार है"। उन्होंने 78 देशों में भारत की 600 से अधिक विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि "अशांति के महासागर में समृद्धि के द्वीप नहीं पनप सकते"।
मुख्य तथ्य
- तिथि / मंच
- 27 सितंबर 2025, सामान्य बहस, 80वीं UNGA, न्यूयॉर्क
- वक्ता
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर
- संयुक्त राष्ट्र पर
- "संकट की स्थिति में", "गतिरोध में"; सुधार का विरोध
- आतंकवाद
- वित्तपोषण रोकें; प्रमुख आतंकवादियों पर प्रतिबंध
- UNSC
- स्थायी और अस्थायी सदस्यता का विस्तार; भारत अधिक ज़िम्मेदारी के लिए तैयार
- विकास साझेदारी
- 78 देशों में 600+ परियोजनाएं
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
27 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की सामान्य बहस में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?
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सही उत्तर: A — एस. जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 सितंबर 2025 को सामान्य बहस में भारत का वक्तव्य दिया।
UNGA 80 में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत ने कितने देशों में 600 से अधिक विकास परियोजनाएं शुरू की हैं?
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सही उत्तर: C — 78
विदेश मंत्री ने ग्लोबल साउथ में भारत के योगदान के रूप में 78 देशों में 600 से अधिक विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया।
UNGA 80 में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के आह्वान का समापन विदेश मंत्री जयशंकर ने किस पंक्ति से किया?
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सही उत्तर: B — "अशांति के महासागर में समृद्धि के द्वीप नहीं पनप सकते"
विदेश मंत्री ने कहा कि "अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जीत होनी चाहिए क्योंकि अशांति के महासागर में समृद्धि के द्वीप नहीं पनप सकते"।
UNGA 80 में विदेश मंत्री जयशंकर के संबोधन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. मंत्री ने सुरक्षा परिषद की केवल अस्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग की। 2. मंत्री ने कहा कि हाल के सुधारों से संयुक्त राष्ट्र गतिरोध से उबर गया है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: D — न 1 न 2
दोनों गलत हैं: उन्होंने स्थायी और अस्थायी दोनों सदस्यता के विस्तार की मांग की, और कहा कि सुधार के विरोध के कारण संयुक्त राष्ट्र "गतिरोध में" और संकट की स्थिति में है।