DST-SEED वित्तपोषित स्मार्ट मॉड्यूलर पिंजरा पशु परिवहन को सुरक्षित बनाएगा
DST ने 8 मई 2025 को बताया कि नासिक के गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर के प्रो. संदीप एस. पाटिल की टीम ने DST-SEED परियोजना के तहत ऐसा समायोज्य पशु पिंजरा बनाया है जिसका रैंप दरवाज़े का काम भी करता है।
सारांश
नासिक, महाराष्ट्र के गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर के प्रो. संदीप एस. पाटिल के नेतृत्व में टीम ने मॉड्यूलर, लचीला पशु पिंजरा विकसित किया है, जो विभिन्न वाहनों में फिट हो सकता है और जिसका रैंप दरवाज़े का काम भी करता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के SEED (Science for Equity, Empowerment and Development) कार्यक्रम से वित्तपोषित इस पिंजरे में टेलिस्कोपिक तंत्र, फोल्डेबल रैंप और मज़बूत धातु फ्रेम हैं, जिससे पशुओं की चोट व तनाव घटते हैं।
मुख्य तथ्य
- विकासकर्ता
- प्रो. संदीप एस. पाटिल, नासिक
- वित्तपोषण
- DST-SEED
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
8 मई 2025 को DST द्वारा उल्लिखित स्मार्ट मॉड्यूलर पशु पिंजरा किस शहर के इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम ने विकसित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — नासिक
इसे गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर, नासिक के प्रो. संदीप एस. पाटिल की टीम ने विकसित किया।
स्मार्ट पशु पिंजरे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका विकास DST-SEED (Science for Equity, Empowerment and Development) के तहत वित्तपोषित हुआ। 2. इसका रैंप दरवाज़े का काम भी करता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं।