अनुसूची H2 के तहत QR कोड ट्रैक-एंड-ट्रेस सभी टीकों, रोगाणुरोधी, NDPS और कैंसर-रोधी दवाओं तक बढ़ा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 25 जून 2026 को बताया कि उसने औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर सभी टीकों, रोगाणुरोधी, NDPS और कैंसर-रोधी दवाओं को अनुसूची H2 में शामिल किया है, जिसमें प्रमाणीकरण और ट्रेसबिलिटी के लिए बार कोड या QR कोड ज़रूरी है।
सारांश
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 जून 2026 को बताया कि उसने औषधि नियम, 1945 में संशोधन अधिसूचित कर सभी टीकों, रोगाणुरोधी दवाओं, NDPS अधिनियम, 1985 के तहत आने वाली नारकोटिक और साइकोट्रोपिक दवाओं और सभी कैंसर-रोधी दवाओं को अनुसूची H2 में शामिल किया है। अनुसूची H2 के तहत आपूर्ति शृंखला में प्रमाणीकरण और ट्रेसबिलिटी के लिए प्राथमिक पैकेजिंग लेबल पर, या जगह कम होने पर द्वितीयक लेबल पर, बार कोड या QR कोड लगाना ज़रूरी है। QR कोड में नौ डेटा तत्व होंगे, जिनमें विशिष्ट उत्पाद पहचान कोड, बैच संख्या, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा विनिर्माण लाइसेंस संख्या शामिल हैं। QR की अनिवार्यता पहले शीर्ष 300 दवा ब्रांडों पर लागू थी, और यह विस्तार रोगाणुरोधी प्रतिरोध से लड़ाई में भी मदद करेगा।
मुख्य तथ्य
- नियम
- अनुसूची H2, औषधि नियम, 1945
- अब शामिल
- सभी टीके, रोगाणुरोधी, NDPS और कैंसर-रोधी दवाएं
- पहले
- शीर्ष 300 ब्रांड
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जून 2026 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 की किस अनुसूची में संशोधन कर सभी टीकों, रोगाणुरोधी, NDPS और कैंसर-रोधी दवाओं को QR कोड ट्रैक-एंड-ट्रेस ढांचे में शामिल किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — अनुसूची H2
इन श्रेणियों को औषधि नियम, 1945 की अनुसूची H2 में शामिल किया गया, जो पैकेजिंग पर बार कोड या QR कोड का प्रावधान करती है।
जून 2026 के संशोधन से पहले औषधि नियमों के तहत QR कोड आधारित पहचान की अनिवार्यता किन पर लागू थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — शीर्ष 300 दवा ब्रांड
QR कोड आधारित पहचान की अनिवार्यता पहले देश के शीर्ष 300 दवा ब्रांडों पर लागू थी।