डीआरआई ने असम और त्रिपुरा में 231.8 किलो मेथामफ़ेटामाइन गोलियाँ ज़ब्त कीं
15 सितंबर 2026 को राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने असम और त्रिपुरा में चार ट्रकों को रोककर 231.8 किलो संदिग्ध मेथामफ़ेटामाइन गोलियाँ ज़ब्त कीं, जो पूर्वोत्तर में ऐसी सबसे बड़ी ज़ब्तियों में से एक है।
सारांश
डीआरआई अभियान में असम राइफ़ल्स बटालियनों की मदद से असम के रामनाथपुर (सिलचर से लगभग 100 किमी) और त्रिपुरा के तेलियामुरा तथा पानीसागर के पास ट्रक रोके गए। गोलियाँ ड्राइवर केबिन की छत जैसी जगहों में छिपाई गई थीं; तीन लोग गिरफ़्तार हुए और चारों ट्रक ज़ब्त किए गए। डीआरआई ने कहा कि मादक पदार्थ की कीमत कई सौ करोड़ रुपये है। 1957 में स्थापित डीआरआई केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तहत भारत की शीर्ष तस्करी-रोधी आसूचना और प्रवर्तन एजेंसी है।
मुख्य तथ्य
- ज़ब्ती
- 231.8 किलो संदिग्ध मेथामफ़ेटामाइन गोलियाँ
- तिथि
- 15 सितंबर 2026
- स्थान
- रामनाथपुर (असम); तेलियामुरा और पानीसागर (त्रिपुरा)
- गिरफ़्तारी
- 3 लोग; 4 ट्रक ज़ब्त
- सहायता
- असम राइफ़ल्स (38वीं और 28वीं बटालियन)
- स्थायी तथ्य
- डीआरआई — 1957 में स्थापित; सीबीआईसी के तहत शीर्ष तस्करी-रोधी एजेंसी
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
15 सितंबर 2026 को डीआरआई ने असम और त्रिपुरा में कितनी संदिग्ध मेथामफ़ेटामाइन ज़ब्त की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 231.8 किलो
डीआरआई ने चार ट्रकों से कुल 231.8 किलो संदिग्ध मेथामफ़ेटामाइन गोलियाँ ज़ब्त कीं।
असम और त्रिपुरा में मेथामफ़ेटामाइन ले जा रहे ट्रकों को रोकने में किस बल ने डीआरआई की मदद की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — असम राइफ़ल्स
असम राइफ़ल्स की बटालियनों (38वीं और 28वीं) ने ट्रक रोकने में मदद की।
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें: 1. यह केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के तहत काम करता है। 2. इसकी स्थापना 1987 में हुई थी। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — न 1 न 2
दोनों गलत हैं। डीआरआई सीबीआईसी के तहत काम करता है और इसकी स्थापना 1957 में हुई थी।