DRI ने वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, 440 जीव और हाथीदांत ज़ब्त
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने 13 जुलाई 2026 को बताया कि देशव्यापी अभियानों में 440 संकटग्रस्त/संरक्षित जीव और लगभग 15 किलो हाथीदांत ज़ब्त हुए, जिसमें सुजानगढ़, राजस्थान के पास लगभग 11 किलो हाथीदांत शामिल है; 33 गिरफ्तार।
सारांश
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने 13 जुलाई 2026 को बताया कि वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध खुफिया-आधारित देशव्यापी अभियानों में 440 संकटग्रस्त या संरक्षित वन्य जीव और लगभग 15 किलो हाथीदांत वस्तुएँ व हाथीदांत ज़ब्त किए गए तथा 33 लोग गिरफ्तार हुए। 10 जुलाई 2026 को DRI अधिकारियों ने सुजानगढ़, राजस्थान के पास लगभग 11 किलो हाथीदांत बरामद किया और चार लोगों को वन विभाग को सौंपा। भारतीय हाथी (Elephas maximus) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में है, जो हाथी और उसके उत्पादों के व्यापार पर रोक लगाती है; CITES के अनुरूप भारत में हाथीदांत का व्यावसायिक व्यापार प्रतिबंधित है।
मुख्य तथ्य
- ज़ब्त
- 440 जीव; ~15 किलो हाथीदांत
- गिरफ्तार
- 33
- सुजानगढ़
- ~11 किलो हाथीदांत, 10 जुलाई 2026
- कानून
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972, अनुसूची I; CITES
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
10 जुलाई 2026 को DRI ने राजस्थान के किस कस्बे के पास लगभग 11 किलो हाथीदांत ज़ब्त किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — सुजानगढ़
DRI ने सुजानगढ़, राजस्थान के पास हाथीदांत व्यापार पकड़ा और लगभग 11 किलो हाथीदांत बरामद किया।
13 जुलाई 2026 को घोषित देशव्यापी अभियानों में DRI ने कितने संकटग्रस्त या संरक्षित वन्य जीव ज़ब्त किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 440
DRI ने 440 संकटग्रस्त/संरक्षित जीव और लगभग 15 किलो हाथीदांत ज़ब्त किए तथा 33 लोगों को गिरफ्तार किया।
DRI द्वारा उल्लिखित भारतीय हाथी के कानूनी संरक्षण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय हाथी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध है। 2. CITES दायित्वों के अनुरूप भारत में हाथीदांत का व्यावसायिक व्यापार प्रतिबंधित है। 3. विदेश व्यापार नीति के तहत हाथीदांत का आयात और निर्यात प्रतिबंधित है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं: अनुसूची I में सूचीबद्धता, CITES से जुड़ा हाथीदांत व्यापार प्रतिबंध, और विदेश व्यापार नीति के तहत आयात-निर्यात पर रोक।