DRDO ने गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड लंबी दूरी की जहाज़-रोधी मिसाइल दिखाई
DRDO ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में लॉन्चर सहित लंबी दूरी की जहाज़-रोधी मिसाइल (LR-AShM) प्रदर्शित की; यह हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं के लिए बनी है।
सारांश
77वें गणतंत्र दिवस परेड में DRDO ने LR-AShM को लॉन्चर के साथ दिखाया। यह भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं के लिए बनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जो विभिन्न पेलोड के साथ स्थिर और गतिशील लक्ष्यों को भेद सकती है। यह अर्ध-बैलिस्टिक पथ पर लगभग मैक 10 से शुरू होकर कई 'स्किप' के साथ औसत मैक 5 बनाए रखती है और अंतिम चरण में स्वदेशी सेंसर का उपयोग करती है। इसमें दो-चरणीय ठोस प्रणोदन है; दूसरे चरण के बाद यह बिना शक्ति के ग्लाइड करती है।
मुख्य तथ्य
- प्रणाली
- लंबी दूरी की जहाज़-रोधी मिसाइल (LR-AShM)
- विकासकर्ता
- DRDO
- प्रकार
- हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल
- भूमिका
- भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताएँ
- गति
- ~मैक 10 से शुरू, कई स्किप के साथ औसत मैक 5
- प्रणोदन
- दो-चरणीय ठोस रॉकेट मोटर, फिर बिना शक्ति ग्लाइड
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2026 की गणतंत्र दिवस परेड में DRDO द्वारा प्रदर्शित LR-AShM का सबसे उपयुक्त वर्णन है:
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भारतीय नौसेना की तटीय बैटरियों के लिए हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल
PIB (रक्षा): LR-AShM भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं हेतु हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है।
DRDO के अनुसार LR-AShM लगभग मैक 10 से शुरू होती है। कई स्किप के साथ यह औसत कितनी गति बनाए रखती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — मैक 5
PIB (रक्षा): मैक 10 से शुरू होकर कई स्किप के साथ औसत मैक 5.0।