केंद्र ने विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के तहत गैस मीटरों के लिए मसौदा नियम बनाए
उपभोक्ता मामले विभाग ने 14 अप्रैल 2025 को बताया कि उसने मसौदा नियम बनाए हैं, जिनके तहत घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक सभी गैस मीटरों का व्यापार में उपयोग से पहले परीक्षण, सत्यापन और मुहरांकन अनिवार्य होगा।
सारांश
उपभोक्ता मामले विभाग ने 14 अप्रैल 2025 को बताया कि उसने विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के तहत गैस मीटरों के लिए मसौदा नियम बनाए हैं। इनके तहत घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के सभी गैस मीटरों का व्यापार और वाणिज्य में उपयोग से पहले परीक्षण, सत्यापन और मुहरांकन अनिवार्य होगा, और उपयोग में मीटरों का पुनः सत्यापन भी निर्धारित है। उद्देश्य गैस माप में सटीकता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता है, ताकि अधिक या कम माप रुके और विवाद घटें। ढाँचा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और OIML मानकों के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- ढाँचा
- विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011
- लागू
- घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक गैस मीटर
- आवश्यकता
- उपयोग से पहले परीक्षण, सत्यापन और मुहरांकन; पुनः सत्यापन
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
अप्रैल 2025 में उपभोक्ता मामले विभाग ने गैस मीटरों के परीक्षण, सत्यापन और मुहरांकन को अनिवार्य करने वाले मसौदा नियम किस ढाँचे के तहत बनाए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011
विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011; मसौदा नियम घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक गैस मीटरों पर लागू हैं।