विधि कार्य विभाग ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे पर टिप्पणियां मांगीं
18 अक्टूबर 2024 को भारत में विधि कार्य विभाग ने संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देने और अदालती हस्तक्षेप घटाने के उद्देश्य वाले मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगीं।
सारांश
18 अक्टूबर 2024 को भारत में विधि कार्य विभाग ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे पर, मौजूदा और प्रस्तावित प्रावधानों की तुलनात्मक तालिका के साथ, सार्वजनिक टिप्पणियां मांगीं। इसका उद्देश्य संस्थागत मध्यस्थता को और बढ़ावा देना, मध्यस्थता में अदालती हस्तक्षेप कम करना और मध्यस्थता कार्यवाही का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना है, जो व्यापार सुगमता और अनुबंधों के प्रवर्तन को बढ़ावा देने के कदमों का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 18 अक्टूबर 2024
- द्वारा
- विधि कार्य विभाग
- मसौदा
- मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024
- उद्देश्य
- संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा; अदालती हस्तक्षेप में कमी; कार्यवाही का समय पर निपटारा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
18 अक्टूबर 2024 को मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे पर किस विभाग ने सार्वजनिक टिप्पणियां मांगीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — विधि कार्य विभाग
PIB, 18 अक्टूबर 2024: विधि कार्य विभाग ने मसौदा संशोधन विधेयक पर जनता से टिप्पणियां/प्रतिक्रिया मांगी।
निम्नलिखित में से कौन-सा मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे का घोषित उद्देश्य है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — मध्यस्थता में अदालती हस्तक्षेप कम करना
PIB, 18 अक्टूबर 2024: उद्देश्य संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देना, मध्यस्थता में अदालती हस्तक्षेप कम करना और कार्यवाही का समय पर निपटारा है।