दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश ने ग्वालियर में भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन हेतु MoU किया
30 जुलाई 2026 को दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश सरकार ने ग्वालियर में भारत का पहला एकीकृत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (350 एकड़) स्थापित करने के लिए MoU किया; फेज़-I हेतु केंद्र 493 करोड़ रुपये देगा।
सारांश
दूरसंचार विभाग (DoT) और मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। भारत के पहले एकीकृत TMZ के रूप में परिकल्पित यह 350 एकड़ का प्लग-एंड-प्ले क्लस्टर होगा, जिसमें दूरसंचार व इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और अनुसंधान होगा; फेज़-I अवसंरचना के लिए केंद्र सरकार 493 करोड़ रुपये की सहायता देगी।
मुख्य तथ्य
- परियोजना
- टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ), ग्वालियर, मप्र
- पहला
- भारत का पहला एकीकृत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन
- क्षेत्र
- 350 एकड़, प्लग-एंड-प्ले
- केंद्रीय सहायता
- फेज़-I अवसंरचना हेतु 493 करोड़ रुपये
- पक्ष
- दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश सरकार
- उपस्थित
- ज्योतिरादित्य सिंधिया, मोहन यादव, चंद्रशेखर पेम्मासानी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
भारत का पहला एकीकृत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, जिसके लिए जुलाई 2026 में MoU हुआ, किस शहर में बनेगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ग्वालियर
दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश सरकार ने ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए MoU किया।
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के फेज़-I अवसंरचना के लिए केंद्र सरकार कितनी सहायता देगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 493 करोड़ रुपये
TMZ को फेज़-I अवसंरचना के लिए केंद्र से 493 करोड़ रुपये मिलेंगे; यह 350 एकड़ का क्लस्टर है।