DoT और ITU ने AI-आधारित डिजिटल ट्विन पर आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए; भारत ने ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030 की मेज़बानी का प्रस्ताव रखा
दूरसंचार विभाग और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ ने 17 फ़रवरी 2025 को जिनेवा में डिजिटल ट्विन और AI-आधारित प्रौद्योगिकियों पर सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
सारांश
17 फ़रवरी 2025 को दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल की जिनेवा यात्रा के दौरान दूरसंचार विभाग और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) ने डिजिटल ट्विन, AI-आधारित समाधान, आभासी दुनिया की तकनीकों और IMT-2030 में संयुक्त पहल तलाशने तथा वैश्विक मानकों और अवसंरचना नियोजन में नागरिक भागीदारी के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। मित्तल ने ITU की महासचिव डोरीन बोगदान-मार्टिन से मुलाक़ात की, और भारत ने 2030 में ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन की मेज़बानी का प्रस्ताव रखा।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 17 फ़रवरी 2025, जिनेवा
- हस्ताक्षर
- DoT और ITU के बीच आशय पत्र
- फ़ोकस
- डिजिटल ट्विन, AI, आभासी दुनिया, IMT-2030
- भारत का प्रस्ताव
- ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030 की मेज़बानी
- ITU महासचिव
- डोरीन बोगदान-मार्टिन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
फ़रवरी 2025 में दूरसंचार सचिव की जिनेवा यात्रा के दौरान भारत ने ITU के किस आयोजन की मेज़बानी का प्रस्ताव रखा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030
भारत ने ख़ुद को वैश्विक डिजिटल अग्रणी के रूप में स्थापित करने के तहत ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030 की मेज़बानी का प्रस्ताव रखा।
17 फ़रवरी 2025 को DoT और ITU के बीच हुआ आशय पत्र मुख्य रूप से किस पर सहयोग से संबंधित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — अवसंरचना नियोजन के लिए AI-आधारित डिजिटल ट्विन प्रौद्योगिकी
आशय पत्र भविष्य के लिए तैयार अवसंरचना नियोजन हेतु डिजिटल ट्विन, AI-आधारित समाधान, आभासी दुनिया की तकनीकों और IMT-2030 में संयुक्त पहल से संबंधित है।