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जिला-स्तरीय जलवायु जोखिम आकलन में 698 जिलों के बाढ़ और सूखा जोखिम का मानचित्रण

आईपीसीसी ढांचे का उपयोग कर 698 भारतीय जिलों में बाढ़ और सूखे के जोखिम का मानचित्रण करने वाली रिपोर्ट, जिसे डीएसटी के सहयोग से आईआईटी मंडी, आईआईटी गुवाहाटी और सीएसटीईपी बेंगलुरु ने तैयार किया, 13 दिसंबर 2024 को आईआईटी दिल्ली में जारी की गई।

सारांश

698 जिलों को शामिल करने वाली रिपोर्ट 'डिस्ट्रिक्ट-लेवल क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट फॉर इंडिया: मैपिंग फ्लड एंड ड्रॉट रिस्क्स यूजिंग द आईपीसीसी फ्रेमवर्क' 13 दिसंबर 2024 को आईआईटी दिल्ली में जारी की गई। इसे आईआईटी मंडी, आईआईटी गुवाहाटी और सीएसटीईपी बेंगलुरु ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सहयोग से स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन (एसडीसी) के साथ मिलकर विकसित किया। तुलनात्मक पैमाने पर 51 जिले 'बहुत उच्च' और 118 जिले 'उच्च' बाढ़ जोखिम श्रेणी में हैं, जिनमें से लगभग 85% असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में हैं। सूखे के लिए 91 जिले 'बहुत उच्च' और 188 'उच्च' जोखिम में हैं। ग्यारह जिलों को बाढ़ और सूखे दोनों का 'बहुत उच्च' जोखिम है: पटना; अलाप्पुझा; असम के चराइदेव, डिब्रूगढ़, शिवसागर, दक्षिण सालमारा मनकाचर और गोलाघाट; केंद्रपाड़ा; तथा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, नदिया और उत्तर दिनाजपुर।

मुख्य तथ्य

जारी
13 दिसंबर 2024, आईआईटी दिल्ली
दायरा
698 जिले; आईपीसीसी ढांचा
तैयारकर्ता
आईआईटी मंडी, आईआईटी गुवाहाटी, सीएसटीईपी बेंगलुरु
सहयोग
डीएसटी, स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन के साथ
बाढ़ जोखिम
51 'बहुत उच्च', 118 'उच्च'
सूखा जोखिम
91 'बहुत उच्च', 188 'उच्च'
दोहरा 'बहुत उच्च' जोखिम
11 जिले, जिनमें पटना, अलाप्पुझा, केंद्रपाड़ा, असम के 5 और पश्चिम बंगाल के 3

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1 उन्नत

13 दिसंबर 2024 को जारी 'डिस्ट्रिक्ट-लेवल क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट फॉर इंडिया' रिपोर्ट में कितने जिलों के बाढ़ और सूखा जोखिम का विश्लेषण किया गया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — 698

पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): रिपोर्ट में भारत के 698 जिलों में बाढ़ और सूखे के जोखिम का गहन विश्लेषण है और इसे 13 दिसंबर 2024 को आईआईटी दिल्ली में जारी किया गया।

Q2 उन्नत

दिसंबर 2024 में जारी 'डिस्ट्रिक्ट-लेवल क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट फॉर इंडिया' रिपोर्ट किन संस्थानों ने विकसित की?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — आईआईटी मंडी, आईआईटी गुवाहाटी और सीएसटीईपी बेंगलुरु

पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): रिपोर्ट आईआईटी मंडी, आईआईटी गुवाहाटी और सीएसटीईपी बेंगलुरु ने विकसित की, जिसे डीएसटी ने स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन के साथ मिलकर सहयोग दिया।

Q3 उन्नत

जिला-स्तरीय जलवायु जोखिम आकलन रिपोर्ट (दिसंबर 2024) के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा जिला बाढ़ और सूखे दोनों के 'बहुत उच्च' जोखिम वाले 11 जिलों में नहीं है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — बाड़मेर

पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): दोहरे जोखिम वाले 11 जिले हैं पटना (बिहार); अलाप्पुझा (केरल); चराइदेव, डिब्रूगढ़, शिवसागर, दक्षिण सालमारा मनकाचर और गोलाघाट (असम); केंद्रपाड़ा (ओडिशा); तथा मुर्शिदाबाद, नदिया और उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल)। बाड़मेर सूची में नहीं है।

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