DILRMP के तहत ग्रामीण भारत के 95% भूमि अभिलेख डिजिटल हुए
26 अक्टूबर 2024 को भारत में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत 2016 से ग्रामीण भारत के 95% भूमि अभिलेख डिजिटल हो चुके हैं।
सारांश
26 अक्टूबर 2024 को भारत में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि 2016 से ग्रामीण भारत के 95% भूमि अभिलेख डिजिटल हो चुके हैं। डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP), जिसे पहले राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम कहा जाता था, अप्रैल 2016 में केंद्र सरकार के पूर्ण वित्तपोषण वाली केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में पुनर्गठित किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य आधुनिक और पारदर्शी भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली बनाना है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 26 अक्टूबर 2024
- डिजिटल ग्रामीण भूमि अभिलेख
- 95% (2016 से)
- कार्यक्रम
- डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP)
- पहले का नाम
- राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम
- प्रकार
- अप्रैल 2016 से केंद्रीय क्षेत्र योजना; पूर्णतः केंद्र वित्तपोषित
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
ग्रामीण विकास मंत्रालय (26 अक्टूबर 2024) के अनुसार 2016 से ग्रामीण भारत के कितने प्रतिशत भूमि अभिलेख डिजिटल हो चुके थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 95%
PIB, 26 अक्टूबर 2024: 2016 से ग्रामीण भारत के 95% भूमि अभिलेख डिजिटल हो चुके हैं।
अप्रैल 2016 में केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में पुनर्गठित डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) पहले किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम
PIB, 26 अक्टूबर 2024: DILRMP को पहले राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम कहा जाता था।