ऋण वसूली न्यायाधिकरण अधिकारियों और सरकारी बैंक अधिकारियों का मध्यस्थता प्रशिक्षण सुप्रीम कोर्ट में संपन्न
वित्तीय सेवा विभाग और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा ऋण वसूली न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारियों और सरकारी बैंकों के अधिकारियों के लिए आयोजित 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण 28 सितंबर 2025 को संपन्न हुआ।
सारांश
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के साथ ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (DRT) के पीठासीन अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया। कार्यक्रम 24 से 28 सितंबर 2025 तक सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त भवन परिसर में हुआ। इसमें मध्यस्थता की अवधारणा, न्यायिक प्रक्रिया और अन्य वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तरीकों से इसकी तुलना, मध्यस्थता के चरण और मध्यस्थों की भूमिका, तथा बातचीत और सौदेबाज़ी जैसे विषय शामिल थे।
मुख्य तथ्य
- आयोजक
- वित्तीय सेवा विभाग + मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, सर्वोच्च न्यायालय
- तारीख़
- 24–28 सितंबर 2025
- अवधि
- 40 घंटे
- प्रतिभागी
- DRT पीठासीन अधिकारी; सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी
- स्थान
- अतिरिक्त भवन परिसर, भारत का सर्वोच्च न्यायालय
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
सितंबर 2025 में वित्तीय सेवा विभाग और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता समिति द्वारा चलाया गया 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण किन न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारियों के लिए था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ऋण वसूली न्यायाधिकरण
कार्यक्रम (24–28 सितंबर 2025) ऋण वसूली न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारियों और सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए था।