केंद्र ने केवल BIS प्रमाणित हेलमेट उपयोग करने का आग्रह किया; सख़्त प्रवर्तन की माँग
5 जुलाई 2025 को उपभोक्ता मामले विभाग और BIS ने उपभोक्ताओं से केवल IS 4151:2015 के अनुरूप BIS प्रमाणित हेलमेट उपयोग करने का आग्रह किया और बिना प्रमाणन वाले हेलमेट की बिक्री पर सख़्त कार्रवाई की माँग की।
सारांश
उपभोक्ता मामले विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 5 जुलाई 2025 को उपभोक्ताओं से केवल BIS प्रमाणित हेलमेट उपयोग करने की अपील की और बिना BIS प्रमाणन वाले हेलमेट के निर्माण या बिक्री पर सख़्त प्रवर्तन की माँग की। भारतीय सड़कों पर 21 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन हैं, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत हेलमेट पहनना अनिवार्य है, और 2021 से लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेश IS 4151:2015 के तहत प्रमाणित ISI-चिह्नित हेलमेट अनिवार्य करता है। जून 2025 तक 176 निर्माताओं के पास सुरक्षात्मक हेलमेट के वैध BIS लाइसेंस थे; पिछले वित्त वर्ष में 500 से अधिक नमूनों की जाँच और 30 से अधिक तलाशी-ज़ब्ती अभियान चलाए गए।
मुख्य तथ्य
- मानक
- IS 4151:2015
- QCO
- 2021 से
- लाइसेंसधारी
- 176 निर्माता
- दोपहिया
- 21 करोड़ से अधिक
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
5 जुलाई 2025 को उल्लिखित गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत दोपहिया सवारों के हेलमेट किस भारतीय मानक के अनुरूप होने चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — IS 4151:2015
उपभोक्ता मामले विभाग: 2021 से लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेश BIS मानक (IS 4151:2015) के तहत प्रमाणित ISI-चिह्नित हेलमेट अनिवार्य करता है।
जून 2025 तक कितने निर्माताओं के पास सुरक्षात्मक हेलमेट के वैध BIS लाइसेंस थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 176
उपभोक्ता मामले विभाग: जून 2025 तक देश भर में 176 निर्माताओं के पास सुरक्षात्मक हेलमेट के वैध BIS लाइसेंस हैं।
5 जुलाई 2025 को उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार दोपहिया सवारों के लिए हेलमेट पहनना किस क़ानून के तहत अनिवार्य है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — मोटर वाहन अधिनियम, 1988
उपभोक्ता मामले विभाग: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत हेलमेट पहनना अनिवार्य है, लेकिन उसकी प्रभावशीलता गुणवत्ता पर निर्भर है।