डाक विभाग ने डिजिटल एड्रेस DPI की तकनीकी संरचना के लिए IISc के FSID के साथ MoU किया
डाक विभाग ने 11 मार्च 2025 को डिजिटल एड्रेस डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की तकनीकी संरचना तैयार करने और दस्तावेज़ बनाने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के फ़ाउंडेशन फ़ॉर साइंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (FSID) के साथ MoU किया।
सारांश
डाक विभाग ने 11 मार्च 2025 को डाक भवन, नई दिल्ली में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के फ़ाउंडेशन फ़ॉर साइंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (FSID) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। FSID डिजिटल एड्रेस डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) की तकनीकी संरचना तैयार करेगा और उसका दस्तावेज़ बनाएगा — यह विभाग की 'डिजिटल एड्रेस कोड' पहल के तहत एक मानकीकृत, जियो-कोडेड और अंतर-संचालनीय पता प्रणाली है, जिसका उद्देश्य 'एड्रेस ऐज़ अ सर्विस' (AaaS) देना है। यह DPI डिलीवरी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वित्तीय समावेशन और शहरी नियोजन सहित सरकारी, व्यावसायिक और नागरिक सेवाओं में सहायक होगी। IISc की ओर से FSID के सेंटर ऑफ़ डेटा फ़ॉर पब्लिक गुड के अध्यक्ष प्रो. इंदर गोपाल ने अपनी बात रखी।
मुख्य तथ्य
- हस्ताक्षर
- 11 मार्च 2025, डाक भवन, नई दिल्ली
- साझेदार
- FSID, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
- काम
- डिजिटल एड्रेस DPI की तकनीकी संरचना
- पहल
- डिजिटल एड्रेस कोड; 'एड्रेस ऐज़ अ सर्विस' (AaaS)
- स्वरूप
- मानकीकृत, जियो-कोडेड, अंतर-संचालनीय पता प्रणाली
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
11 मार्च 2025 को डाक विभाग ने डिजिटल एड्रेस DPI की तकनीकी संरचना के लिए किस संस्थान के साथ MoU किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
MoU भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के फ़ाउंडेशन फ़ॉर साइंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (FSID) के साथ हुआ।
डाक विभाग की डिजिटल एड्रेस पहल भारत में किस अवधारणा को स्थापित करना चाहती है?
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सही उत्तर: D — एड्रेस ऐज़ अ सर्विस (AaaS)
'डिजिटल एड्रेस कोड' पहल के तहत विभाग मानकीकृत, जियो-कोडेड पता प्रणाली से 'एड्रेस ऐज़ अ सर्विस' (AaaS) स्थापित करना चाहता है।