औषध विभाग ने फार्मा विपणन प्रथाओं (UCPMP) की समीक्षा के लिए नीति आयोग सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समिति बनाई
23 अक्टूबर 2026 को औषध विभाग ने नीति आयोग सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास की अध्यक्षता में, प्रीति सूदन और डॉ. नरेश त्रेहन को सदस्य बनाकर, औषधीय विपणन प्रथाओं के लिए समान संहिता (UCPMP) ढांचे की समीक्षा करने और अनैतिक प्रथाओं को रोकने के उपाय दो महीने में सुझाने हेतु एक समिति गठित की।
सारांश
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को औषधीय विपणन प्रथाओं के नियामक ढांचे की जांच करने और अनैतिक प्रथाओं के विरुद्ध निगरानी व प्रवर्तन को मज़बूत करने की सिफारिश के लिए एक समिति गठित की। समिति के अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास हैं, जबकि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन और मेदांता के CMD डॉ. नरेश त्रेहन सदस्य हैं, और इसे पहली बैठक से दो महीने में रिपोर्ट देनी है। औषधीय विपणन प्रथाओं के लिए समान संहिता (UCPMP) 2015 में स्वैच्छिक स्व-नियामक संहिता के रूप में शुरू हुई थी और इसकी जगह UCPMP 2024 ने ली, जो अभी लागू है।
मुख्य तथ्य
- गठनकर्ता
- औषध विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय
- तिथि
- 23 अक्टूबर 2026
- अध्यक्ष
- डॉ. एम. श्रीनिवास, सदस्य, नीति आयोग
- सदस्य
- प्रीति सूदन (पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव), डॉ. नरेश त्रेहन (CMD, मेदांता)
- समय-सीमा
- पहली बैठक से 2 महीने में रिपोर्ट
- उद्देश्य
- अनैतिक फार्मा विपणन पर रोक; निगरानी और प्रवर्तन मज़बूत करना
- UCPMP इतिहास
- 2015 स्वैच्छिक संहिता; UCPMP 2024 ने स्थान लिया (लागू)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में औषध विभाग द्वारा फार्मा विपणन प्रथाओं की समीक्षा हेतु गठित समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
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सही उत्तर: C — डॉ. एम. श्रीनिवास
औषधीय विपणन प्रथाओं के लिए समान संहिता (UCPMP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. UCPMP 2015 में एक स्वैच्छिक, उद्योग-नेतृत्व वाले स्व-नियामक तंत्र के रूप में शुरू की गई थी। 2. UCPMP 2024 ने 2015 संस्करण का स्थान लिया और यह अभी लागू है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
अक्टूबर 2026 में गठित फार्मा विपणन प्रथाओं संबंधी समिति को अपनी सिफारिशें किस अवधि में देनी हैं?
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सही उत्तर: D — पहली बैठक से दो महीने में