उर्वरक विभाग ने पूरी तरह डिजिटल एकीकृत उर्वरक सब्सिडी दावा प्रक्रिया शुरू की
केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने 1 जनवरी 2026 को एकीकृत ऑनलाइन उर्वरक सब्सिडी दावा प्रक्रिया शुरू की, जो उर्वरक विभाग के iFMS को महालेखा नियंत्रक के PFMS से जोड़ती है।
सारांश
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने 1 जनवरी 2026 को एकीकृत, पूरी तरह डिजिटल उर्वरक सब्सिडी दावा प्रक्रिया शुरू की। यह प्रणाली उर्वरक विभाग की एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) को वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) से जोड़ती है। लगभग ₹2 लाख करोड़ की उर्वरक सब्सिडी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से संसाधित होगी।
मुख्य तथ्य
- शुरुआत
- 1 जनवरी 2026, जे. पी. नड्डा द्वारा
- जुड़ी प्रणालियाँ
- iFMS (उर्वरक विभाग) + PFMS (महालेखा नियंत्रक)
- पैमाना
- ~₹2 लाख करोड़ उर्वरक सब्सिडी डिजिटल रूप से संसाधित
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
जनवरी 2026 में शुरू एकीकृत डिजिटल उर्वरक सब्सिडी दावा प्रक्रिया उर्वरक विभाग के iFMS को किस प्रणाली से जोड़ती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — महालेखा नियंत्रक का PFMS
PIB (उर्वरक विभाग): यह पहल उर्वरक विभाग के iFMS और वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक के PFMS की साझेदारी है।