पशुपालन और डेयरी विभाग की देशी गोवंश नस्लों पर पहली गणतंत्र दिवस झाँकी
पशुपालन और डेयरी विभाग ने 26 जनवरी 2025 को कर्तव्य पथ पर देशी गोवंश नस्लों पर अपनी पहली गणतंत्र दिवस झाँकी प्रदर्शित की।
सारांश
पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने 26 जनवरी 2025 को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली पर गणतंत्र दिवस परेड में 'देशी गोवंश नस्लों को सतत ग्रामीण विकास के प्रतीक के रूप में सम्मान' थीम पर अपनी पहली झाँकी प्रदर्शित की। डीएएचडी की झाँकी में भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक दिखाया गया, जहाँ 2023-24 में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 471 ग्राम प्रतिदिन रही, जबकि वैश्विक औसत 329 ग्राम है, और श्वेत क्रांति 2.0 का उल्लेख किया गया।
मुख्य तथ्य
- तारीख़
- 26 जनवरी 2025, कर्तव्य पथ
- पहली बार
- गठन के बाद डीएएचडी की पहली गणतंत्र दिवस झाँकी
- थीम
- देशी गोवंश नस्लों को सतत ग्रामीण विकास के प्रतीक के रूप में सम्मान
- दूध उपलब्धता
- 471 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (2023-24), वैश्विक 329 ग्राम
- स्थिति
- भारत सबसे बड़ा दूध उत्पादक
- योजना
- श्वेत क्रांति 2.0
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
डीएएचडी झाँकी विज्ञप्ति के अनुसार 2023-24 में भारत में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता कितनी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 471 ग्राम प्रतिदिन
PIB 2096540: 2023-24 में प्रति व्यक्ति उपलब्धता 471 ग्राम प्रतिदिन थी, वैश्विक औसत 329 ग्राम।
2025 में पशुपालन और डेयरी विभाग की पहली गणतंत्र दिवस झाँकी की थीम किसके सम्मान में थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — देशी गोवंश नस्लें
PIB 2096540: थीम 'देशी गोवंश नस्लों को सतत ग्रामीण विकास के प्रतीक के रूप में सम्मान' थी।