IGCAR कलपक्कम में परमाणु ऊष्मा से चलने वाला विश्व का पहला कॉपर-क्लोरीन हाइड्रोजन संयंत्र शुरू
परमाणु ऊर्जा विभाग ने 26 जून 2026 को IGCAR, कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर की परमाणु ऊष्मा से कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र पर आधारित विश्व की पहली हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया।
सारांश
परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) ने 26 जून 2026 को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR), कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) की परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा का उपयोग करने वाली, कॉपर-क्लोरीन (Cu-Cl) थर्मोकेमिकल चक्र पर आधारित विश्व की पहली हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया। DAE सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने IGCAR निदेशक श्रीकुमार जी. पिल्लई की उपस्थिति में सुविधा का उद्घाटन किया। यह संयंत्र भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित Cu-Cl प्रक्रिया का प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है और इसे BARC तथा IGCAR ने मिलकर बनाया है। 1971 में स्थापित IGCAR ने FBTR का डिज़ाइन किया और उसे चलाता है; FBTR के अनुभव ने 500 MWe प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) की नींव रखी, जो भारत के त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण का प्रमुख रिएक्टर है।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 26 जून 2026, IGCAR, कलपक्कम (तमिलनाडु)
- प्रक्रिया
- कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र
- ऊष्मा स्रोत
- फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR)
- प्रक्रिया विकसित
- BARC, मुंबई
- स्थैतिक कड़ी
- 500 MWe PFBR: त्रि-चरणीय कार्यक्रम का दूसरा चरण
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
26 जून 2026 को परमाणु ऊष्मा से कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र पर आधारित विश्व की पहली हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन कहां हुआ?
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सही उत्तर: B — IGCAR, कलपक्कम
सुविधा का उद्घाटन इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR), कलपक्कम में हुआ।
जून 2026 में शुरू हुई Cu-Cl हाइड्रोजन सुविधा को परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा किस रिएक्टर से मिलती है?
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सही उत्तर: D — फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर
सुविधा IGCAR के फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) से उत्पन्न परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा का उपयोग करती है।
जून 2026 में कलपक्कम में प्रदर्शित कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल हाइड्रोजन उत्पादन प्रक्रिया स्वदेशी रूप से किसने विकसित की?
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सही उत्तर: A — भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC)
Cu-Cl थर्मोकेमिकल प्रक्रिया BARC, मुंबई ने स्वदेशी रूप से विकसित की; सुविधा BARC और IGCAR ने मिलकर बनाई।
IGCAR में FBTR के अनुभव ने 500 MWe प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) की नींव रखी। PFBR भारत के त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के किस चरण का प्रमुख रिएक्टर है?
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सही उत्तर: C — दूसरा चरण
DAE के अनुसार 500 MWe PFBR भारत के त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण का प्रमुख रिएक्टर है।