CSIR और IP ऑस्ट्रेलिया के बीच पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय तक पहुँच का समझौता
CSIR और IP ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में भारत–ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भारत के पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय तक पहुँच के समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे पहुँच वाले पेटेंट कार्यालयों की संख्या 18 हो गई।
सारांश
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और IP ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में तीसरे भारत–ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में CSIR पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (TKDL) तक पहुँच के समझौते पर हस्ताक्षर किए। IP ऑस्ट्रेलिया पेटेंट आवेदनों की जाँच में पूर्व कला खोजने के लिए TKDL का उपयोग करेगा। इस समझौते के साथ अब 18 पेटेंट कार्यालयों को गैर-प्रकटीकरण समझौतों के तहत TKDL तक पहुँच है। पृष्ठभूमि: TKDL की स्थापना 2001 में CSIR और आयुष मंत्रालय ने की थी; यह पारंपरिक ज्ञान के रक्षात्मक संरक्षण का विश्व का पहला डेटाबेस है, जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और योग के 5.2 लाख से अधिक फ़ॉर्मूलेशन पाँच अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में हैं।
मुख्य तथ्य
- हस्ताक्षर
- 9 जुलाई 2026, मेलबर्न
- पक्ष
- CSIR और IP ऑस्ट्रेलिया
- पहुँच वाले पेटेंट कार्यालय
- 18
- TKDL स्थापना
- 2001, CSIR और आयुष मंत्रालय
- सामग्री
- 5.2 लाख+ फ़ॉर्मूलेशन
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जुलाई 2026 का पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय पहुँच समझौता CSIR और किस ऑस्ट्रेलियाई संस्था के बीच हुआ?
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सही उत्तर: B — IP ऑस्ट्रेलिया
CSIR और IP ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे भारत–ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में TKDL पहुँच समझौता किया।
IP ऑस्ट्रेलिया के साथ जुलाई 2026 के समझौते के बाद कितने पेटेंट कार्यालयों को TKDL डेटाबेस तक पहुँच है?
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सही उत्तर: D — 18
IP ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते के बाद अब 18 पेटेंट कार्यालयों को NDA के तहत डेटाबेस तक पहुँच है।
पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (TKDL) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना 2001 में CSIR और आयुष मंत्रालय ने की। 2. इसमें पाँच अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में 5.2 लाख से अधिक फ़ॉर्मूलेशन और पद्धतियों की जानकारी है। 3. हिंदी उन पाँच भाषाओं में से एक है जिनमें TKDL पेटेंट परीक्षकों को उपलब्ध है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
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सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: पाँच भाषाएँ अंग्रेज़ी, जर्मन, फ़्रेंच, जापानी और स्पेनिश हैं।