सीसीईए ने 2025 सीजन के लिए खोपरा का एमएसपी तय किया: मिलिंग खोपरा ₹11,582 और बॉल खोपरा ₹12,100 प्रति क्विंटल
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 20 दिसंबर 2024 को 2025 सीजन के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी।
सारांश
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 20 दिसंबर 2024 को 2025 सीजन के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी। उचित औसत गुणवत्ता वाले मिलिंग खोपरा का एमएसपी ₹11,582 प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा का ₹12,100 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो केंद्रीय बजट 2018-19 के उस सिद्धांत के अनुरूप है जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना रखने की बात है। 2014 विपणन सीजन (₹5,250 और ₹5,500 प्रति क्विंटल) की तुलना में एमएसपी क्रमशः 121% और 120% बढ़े हैं। नेफेड और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) मूल्य समर्थन योजना के तहत खोपरा और छिले नारियल की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियाँ बने रहेंगे।
मुख्य तथ्य
- मंजूरी
- आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति, 20 दिसंबर 2024
- मिलिंग खोपरा (एफएक्यू)
- ₹11,582 प्रति क्विंटल
- बॉल खोपरा
- ₹12,100 प्रति क्विंटल
- सिद्धांत
- अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना (बजट 2018-19)
- 2014 से वृद्धि
- मिलिंग 121% (₹5,250 से); बॉल 120% (₹5,500 से)
- केंद्रीय नोडल एजेंसियाँ
- नेफेड और एनसीसीएफ, मूल्य समर्थन योजना के तहत
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
2025 सीजन के लिए उचित औसत गुणवत्ता वाले मिलिंग खोपरा का एमएसपी कितना तय किया गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹11,582 प्रति क्विंटल
पीआईबी (मंत्रिमंडल): 2025 सीजन के लिए उचित औसत गुणवत्ता वाले मिलिंग खोपरा का एमएसपी ₹11,582 प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा का ₹12,100 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
2025 सीजन के लिए बॉल खोपरा का एमएसपी कितना तय किया गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹12,100 प्रति क्विंटल
पीआईबी (मंत्रिमंडल): 2025 सीजन के लिए बॉल खोपरा का एमएसपी ₹12,100 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो 2014 के ₹5,500 से 120% अधिक है।
मूल्य समर्थन योजना के तहत खोपरा और छिले नारियल की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — नेफेड और एनसीसीएफ
पीआईबी (मंत्रिमंडल): नेफेड और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) मूल्य समर्थन योजना के तहत खोपरा और छिले नारियल की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियाँ बने रहेंगे।