उपभोक्ता मामले विभाग ने घटिया हेलमेट के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया
26 अक्टूबर 2024 को भारत में उपभोक्ता मामले विभाग ने बताया कि उसने ज़िला कलेक्टरों और ज़िला मजिस्ट्रेटों को BIS मानक पूरा न करने वाले हेलमेट बनाने और बेचने वालों के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने के लिए लिखा है।
सारांश
26 अक्टूबर 2024 को भारत में उपभोक्ता मामले विभाग ने बताया कि उसने ज़िला कलेक्टरों और ज़िला मजिस्ट्रेटों को दोपहिया सवारों के लिए गैर-अनुपालक हेलमेट बेचने वाले निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने के लिए लिखा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जून 2021 से गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू किया है, जिसके तहत सभी हेलमेट का BIS मानक IS 4151:2015 के अनुरूप होना अनिवार्य है। विभाग ने बताया कि अब तक हेलमेट निर्माताओं के 162 लाइसेंस रद्द या समाप्त हुए हैं। सचिव निधि खरे ने कहा कि बाज़ार से असुरक्षित हेलमेट हटाने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 26 अक्टूबर 2024
- द्वारा
- उपभोक्ता मामले विभाग
- मानक
- IS 4151:2015 (BIS)
- QCO लागू
- 1 जून 2021 से (MoRTH)
- रद्द/समाप्त लाइसेंस
- 162
- सचिव
- निधि खरे
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
उपभोक्ता मामले विभाग के हेलमेट अभियान (26 अक्टूबर 2024) में उल्लिखित गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत सभी हेलमेट को किस BIS मानक का पालन करना होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — IS 4151:2015
PIB, 26 अक्टूबर 2024: QCO के तहत सभी हेलमेट का BIS मानक IS 4151:2015 के अनुरूप होना अनिवार्य है।
26 अक्टूबर 2024 की विज्ञप्ति के अनुसार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हेलमेट के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश किस तिथि से लागू किया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1 जून 2021
PIB, 26 अक्टूबर 2024: MoRTH ने 1 जून 2021 से हेलमेट के लिए QCO लागू किया है।