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लोकसभा में संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026 गिरा: पक्ष में 298, विपक्ष में 230, विशेष बहुमत नहीं मिला

लोकसभा का आकार बढ़ाने और महिला आरक्षण को नए परिसीमन से जोड़ने वाला संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026, 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गिर गया, क्योंकि 298 सदस्यों ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मत दिया, जो अनुच्छेद 368(2) के तहत आवश्यक उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई से कम था।

सारांश

PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च, द हिंदू और द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026, 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गिर गया। मतदान के समय उपस्थित 528 सदस्यों में से 298 ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मत दिया, जो संविधान संशोधन विधेयक के लिए आवश्यक 352 के दो-तिहाई आँकड़े से कम था (द हिंदू)। अनुच्छेद 368(2) के तहत ऐसा विधेयक प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए। PRS के अनुसार विधेयक लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 से बढ़ाकर 850 (राज्यों से अधिकतम 815 और केंद्रशासित प्रदेशों से अधिकतम 35) करता, संसद को क़ानून द्वारा यह तय करने देता कि परिसीमन कब हो और कौन-सी जनगणना उपयोग हो, और 106वें संशोधन (2023) के तहत महिला आरक्षण के लिए 2023 के बाद की पहली जनगणना पर आधारित परिसीमन की शर्त हटाता। मतदान के बाद दो संबद्ध विधेयक — परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 — आगे नहीं लिए गए; द हिंदू के अनुसार उन्हें वापस ले लिया गया।

मुख्य तथ्य

विधेयक
संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026; 16 अप्रैल 2026 को पेश
परिणाम
17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में अस्वीकृत (PRS)
मतदान
पक्ष 298, विपक्ष 230; उपस्थित 528 (द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस)
दो-तिहाई आँकड़ा
528 उपस्थित और मतदान करने वालों में 352 (द हिंदू)
नियम
अनु. 368(2): प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या का बहुमत + उपस्थित और मतदान करने वालों का दो-तिहाई
प्रस्तावित लोकसभा आकार
अधिकतम 850 (815 राज्य, 35 केंद्रशासित), वर्तमान 550 (530 + 20)
संबद्ध विधेयक
परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 आगे नहीं लिए गए

अभ्यास MCQ 4 प्रश्न

Q1

17 अप्रैल 2026 को संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026 पर लोकसभा में मतदान में कितने सदस्यों ने पक्ष और विपक्ष में मत दिया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — पक्ष में 298, विपक्ष में 230

528 उपस्थित सदस्यों में 298 ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मत दिया (द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस); विधेयक को 352 मत चाहिए थे।

Q2 उन्नत

संविधान के अनुच्छेद 368(2) के तहत संविधान संशोधन विधेयक प्रत्येक सदन में किस बहुमत से पारित होना चाहिए?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — उस सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत

अनुच्छेद 368(2) में प्रत्येक सदन में दोनों शर्तें आवश्यक हैं: कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वालों का कम से कम दो-तिहाई। अप्रैल 2026 में 528 में से 298 मतों से पहली शर्त पूरी हुई, दूसरी नहीं (352 आवश्यक)।

Q3 उन्नत

PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के सारांश के अनुसार संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, जिसमें केंद्रशासित प्रदेशों से अधिकतम 35 सदस्य होते। 2. इसमें राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 से अधिक करने का प्रस्ताव था। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — केवल 1

कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: PRS के अनुसार विधेयक ने राज्यसभा की अधिकतम संख्या 250 (अनुच्छेद 80) अपरिवर्तित रखी।

Q4 उन्नत

1971 की जनगणना पर आधारित राज्यों के बीच लोकसभा सीटों के आवंटन पर रोक को 2026 के बाद की पहली जनगणना तक किस संविधान संशोधन ने बढ़ाया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 84वाँ संशोधन, 2001

PRS के अनुसार 42वें संशोधन (1976) ने 1971 की जनगणना पर सीटें 2000 के बाद की पहली जनगणना तक रोकीं, और 84वें संशोधन (2001) ने इसे 2026 के बाद की पहली जनगणना तक बढ़ाया।

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