वाणिज्य विभाग और EEPC इंडिया ने 2030 तक 250 अरब डॉलर इंजीनियरिंग निर्यात के लिए चिंतन शिविर आयोजित किया
वाणिज्य विभाग और EEPC इंडिया ने 23 अक्टूबर 2026 को इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए चिंतन शिविर आयोजित कर 2030 तक 250 अरब अमेरिकी डॉलर के इंजीनियरिंग निर्यात की रणनीति पर चर्चा की; अप्रैल-सितंबर 2026-27 में इंजीनियरिंग निर्यात लगभग 20% वृद्धि के साथ 70 अरब डॉलर पार कर गया।
सारांश
वाणिज्य विभाग और देश की शीर्ष इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन संस्था EEPC इंडिया ने इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए चिंतन शिविर आयोजित किया (23 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी गई), ताकि 2030 तक कुल 250 अरब अमेरिकी डॉलर के इंजीनियरिंग वस्तु निर्यात की रणनीति बनाई जा सके। सत्रों में मुक्त व्यापार समझौतों के बेहतर उपयोग, प्रमुख कच्चे माल की उपलब्धता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर ध्यान दिया गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि अप्रैल-सितंबर 2026-27 में भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 14% बढ़कर 476.20 अरब डॉलर हुआ और इसी अवधि में इंजीनियरिंग निर्यात लगभग 20% वृद्धि के साथ 70 अरब डॉलर पार कर गया। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और जलवायु-संबंधी व्यापार उपायों जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए चिंतन शिविर
- आयोजक
- वाणिज्य विभाग और EEPC इंडिया
- लक्ष्य
- 2030 तक 250 अरब डॉलर इंजीनियरिंग वस्तु निर्यात
- इंजीनियरिंग निर्यात
- FY2026-27 की पहली छमाही में 70 अरब डॉलर पार, लगभग 20% वृद्धि
- कुल निर्यात
- 476.20 अरब डॉलर (वस्तु + सेवा), अप्रैल-सितंबर 2026-27, 14% वृद्धि
- मुख्य वक्ता
- वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल
- EEPC इंडिया
- शीर्ष इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन संस्था
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में वाणिज्य विभाग और EEPC इंडिया के चिंतन शिविर का लक्ष्य 2030 तक कितने इंजीनियरिंग वस्तु निर्यात का था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 250 अरब डॉलर
अक्टूबर 2026 में वाणिज्य सचिव के अनुसार अप्रैल-सितंबर 2026-27 में भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात लगभग कितना रहा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 476.20 अरब डॉलर