कैलेंडर वर्ष 2024 में कोयला उत्पादन रिकॉर्ड 1,039.59 मिलियन टन पहुंचा
2023 की तुलना में उत्पादन 7.28% और प्रेषण 6.56% बढ़ा, दोनों अब तक के उच्चतम स्तर पर।
सारांश
कोयला मंत्रालय ने 4 जनवरी 2025 को बताया कि कैलेंडर वर्ष 2024 में भारत का कोयला उत्पादन 1,039.59 मिलियन टन (अनंतिम) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा, जो 2023 के 969.07 मिलियन टन की तुलना में 7.28% अधिक है। 2024 में कोयला प्रेषण भी रिकॉर्ड 1,012.72 मिलियन टन (अनंतिम) रहा, जो 2023 के 950.39 मिलियन टन से 6.56% अधिक है। कोयला मंत्रालय ने कहा कि यह वृद्धि ऊर्जा सुरक्षा और कोयला आयात पर निर्भरता घटाने के लक्ष्य में सहायक है।
मुख्य तथ्य
- जानकारी
- 4 जनवरी 2025, कोयला मंत्रालय
- उत्पादन 2024
- 1,039.59 मिलियन टन (अनंतिम), सर्वकालिक उच्च
- उत्पादन 2023
- 969.07 मिलियन टन; वृद्धि 7.28%
- प्रेषण 2024
- 1,012.72 मिलियन टन (अनंतिम), रिकॉर्ड
- प्रेषण 2023
- 950.39 मिलियन टन; वृद्धि 6.56%
- उद्देश्य
- ऊर्जा सुरक्षा, कोयला आयात में कमी
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
कोयला मंत्रालय के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2024 में भारत का कोयला उत्पादन (अनंतिम) कितना रहा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1,039.59 मिलियन टन
पीआईबी (कोयला): 2024 में उत्पादन 1,039.59 मिलियन टन (अनंतिम) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा; 1,012.72 मिलियन टन प्रेषण का आंकड़ा है।
कैलेंडर वर्ष 2024 में भारत का कोयला उत्पादन 2023 की तुलना में कितने प्रतिशत बढ़ा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 7.28%
पीआईबी (कोयला): उत्पादन 2023 के 969.07 मिलियन टन से 7.28% बढ़ा; प्रेषण 6.56% बढ़ा।
कैलेंडर वर्ष 2024 में भारत के कोयला क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोयला प्रेषण 1,000 मिलियन टन से अधिक रहा। 2. कोयला उत्पादन, प्रेषण से तेज़ी से बढ़ा। 3. 2023 में कोयला उत्पादन 1,000 मिलियन टन से अधिक था। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
पीआईबी (कोयला): प्रेषण 1,012.72 मिलियन टन रहा; उत्पादन 7.28% और प्रेषण 6.56% बढ़ा; 2023 में उत्पादन 969.07 मिलियन टन था, जो 1,000 से कम है।