केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ₹8 लाख करोड़ उधार लेगा, वर्ष की योजना का 54%
वित्त मंत्रालय ने 27 मार्च 2025 को बताया कि केंद्र अप्रैल–सितंबर 2025 में दिनांकित प्रतिभूतियों से ₹8 लाख करोड़ उधार लेगा, जो 2025-26 के लिए बजटित ₹14.82 लाख करोड़ की सकल उधारी का 54% है।
सारांश
भारत सरकार ने RBI के परामर्श से 27 मार्च 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की उधारी योजना तय की। वर्ष के लिए बजटित ₹14.82 लाख करोड़ की सकल बाज़ार उधारी में से ₹8 लाख करोड़ (54%) पहली छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों से जुटाए जाएँगे, जिनमें ₹10,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड शामिल हैं, और यह 26 साप्ताहिक नीलामियों में होगा। उधारी 3 से 50 वर्ष की प्रतिभूतियों में बँटेगी, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा (26.2%) 10-वर्षीय प्रतिभूतियों का होगा। पहली तिमाही में साप्ताहिक ट्रेज़री बिल जारी करना ₹19,000 करोड़ अपेक्षित है और RBI ने पहली छमाही के लिए अर्थोपाय अग्रिम सीमा ₹1.50 लाख करोड़ तय की।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 27 मार्च 2025
- पहली छमाही उधारी
- ₹8 लाख करोड़ (54%)
- पूरे वर्ष की सकल उधारी
- ₹14.82 लाख करोड़
- ग्रीन बॉन्ड
- ₹10,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड
- नीलामियाँ
- 26 साप्ताहिक
- सबसे बड़ा परिपक्वता हिस्सा
- 10-वर्षीय: 26.2%
- पहली तिमाही T-बिल
- ₹19,000 करोड़ प्रति सप्ताह
- WMA सीमा (H1)
- ₹1.50 लाख करोड़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
27 मार्च 2025 की घोषणा के अनुसार केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों से कितना उधार लेगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹8.00 लाख करोड़
पहली छमाही में ₹8 लाख करोड़ उधार लिए जाएँगे, जो वर्ष के बजटित ₹14.82 लाख करोड़ का 54% है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की उधारी योजना में सबसे बड़ा हिस्सा किस परिपक्वता अवधि का है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 10-वर्षीय
10-वर्षीय प्रतिभूतियों का हिस्सा 26.2% के साथ सबसे बड़ा है; 15-वर्षीय और 40-वर्षीय का 14%-14% है।