केंद्र ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (एसआईओएफए) में भारत के शामिल होने को मंज़ूरी दी
14 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार ने एसआईओएफए में भारत के शामिल होने को मंज़ूरी दी; भारत 2022 से सहयोगी गैर-अनुबंधकारी पक्ष था और अब पूर्ण अनुबंधकारी पक्ष बनेगा।
सारांश
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने 14 अक्टूबर 2026 को बताया कि केंद्र सरकार ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (एसआईओएफए) में भारत के शामिल होने को मंज़ूरी दी है। भारत 2022 से केवल सहयोगी गैर-अनुबंधकारी पक्ष (सीएनसीपी) था; अनुबंधकारी पक्ष बनकर वह वैज्ञानिक समिति और अनुपालन समिति जैसे निकायों तथा हाई सीज़ बोर्डिंग एंड इंस्पेक्शन योजना में पूरी तरह भाग ले सकेगा। भारतीय ध्वज वाले जहाज़ एसआईओएफए क्षेत्र में स्क्विड, टूथफ़िश, अल्फ़ोन्सिनो और अन्य गैर-प्रवासी मछली भंडारों का अधिकृत शिकार कर सकेंगे। यह कदम दिसंबर 2025 में जारी हाई सी फ़िशरीज़ दिशानिर्देशों के बाद उठाया गया है और इसका उद्देश्य भारत के गहरे समुद्र बेड़े व नीली अर्थव्यवस्था का विस्तार है।
मुख्य तथ्य
- समझौता
- दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौता (एसआईओएफए)
- निर्णय
- शामिल होने की मंज़ूरी, 14 अक्टूबर 2026 को घोषित
- पूर्व स्थिति
- 2022 से सहयोगी गैर-अनुबंधकारी पक्ष (सीएनसीपी)
- लक्षित प्रजातियाँ
- स्क्विड, टूथफ़िश, अल्फ़ोन्सिनो और अन्य गैर-प्रवासी भंडार
- बाहर
- अत्यधिक प्रवासी प्रजातियाँ (यूएनसीएलओएस अनुलग्नक I) और तटीय राज्य की स्थिर प्रजातियाँ (अनु. 77(4))
- अन्य हिंद महासागर आरएफएमओ
- हिंद महासागर टूना आयोग (आईओटीसी) — भारत 1996 से अनुबंधकारी पक्ष
- संबंधित नीति
- हाई सी फ़िशरीज़ दिशानिर्देश, दिसंबर 2025
- खुला समुद्र
- वैश्विक महासागर का लगभग 65%
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में केंद्र सरकार ने किस क्षेत्रीय मत्स्य समझौते में भारत के शामिल होने को मंज़ूरी दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौता (एसआईओएफए)
शामिल होने की मंज़ूरी से पहले भारत किस वर्ष से एसआईओएफए का सहयोगी गैर-अनुबंधकारी पक्ष (सीएनसीपी) था?
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सही उत्तर: D — 2022
भारत 1996 से हिंद महासागर के किस क्षेत्रीय मत्स्य प्रबंधन संगठन का अनुबंधकारी पक्ष है, जो टूना और टूना जैसी प्रवासी प्रजातियों का नियमन करता है?
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सही उत्तर: A — हिंद महासागर टूना आयोग (आईओटीसी)