सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित
14 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की; इसी मिनी रत्न उपक्रम ने 1977 में भारत का पहला सौर सेल बनाया था।
सारांश
सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन को 14 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्र को समर्पित किया। मंत्री ने याद दिलाया कि CEL ने 1977 में भारत का पहला सौर सेल बनाया और 1979 में देश का पहला सौर संयंत्र स्थापित किया, और कहा कि कंपनी विनिवेश के कगार से उबरकर मुनाफ़े वाला मिनी रत्न उद्यम बन गई है। CSIR-राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाओं ने CEL को स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली (AWOS) और अब पूर्णतः स्वदेशी नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली की तकनीक हस्तांतरित की। CEL ऊर्ध्वाधर अक्ष पवन टर्बाइन, डेटा केंद्र और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में भी विस्तार कर रही है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 14 मई 2026
- सुविधा
- 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन, CEL
- पहली उपलब्धियाँ
- भारत का पहला सौर सेल (1977) और पहला सौर संयंत्र (1979), CEL द्वारा
- दर्जा
- मिनी रत्न, मुनाफ़े वाला
- तकनीक हस्तांतरण
- CSIR-NAL: AWOS और दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2026 में 200 मेगावाट मॉड्यूल लाइन के समर्पण पर बताया गया कि सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) ने भारत का पहला सौर सेल किस वर्ष बनाया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1977
भारत का पहला सौर सेल CEL ने 1977 में बनाया और देश का पहला सौर संयंत्र CEL ने 1979 में स्थापित किया।
मई 2026 में CSIR-राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाओं ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को कौन-सी तकनीक हस्तांतरित की, जिसे अब पूर्णतः स्वदेशी बताया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली
तकनीक हस्तांतरण में स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली (AWOS) और नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली शामिल थी, जो अब पूर्णतः स्वदेशी है।