CeNS बेंगलुरु ने ग्रिड भंडारण हेतु जलीय ज़िंक-आयन बैटरियों के लिए नया 1T-MoS₂ कैथोड विकसित किया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 19 फरवरी 2026 को बताया कि नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (CeNS), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने जलीय ज़िंक-आयन बैटरियों के लिए सल्फ़र-रिक्ति युक्त 1T-फेज़ मोलिब्डेनम डाइसल्फ़ाइड (1T-MoS₂) कैथोड विकसित किया है।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 19 फरवरी 2026 को बताया कि नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (CeNS), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने जलीय ज़िंक-आयन बैटरियों के लिए सल्फ़र-रिक्ति युक्त 1T-फेज़ मोलिब्डेनम डाइसल्फ़ाइड (1T-MoS₂) कैथोड विकसित किया है। जलीय ज़िंक-आयन बैटरियाँ जल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग करती हैं और सौर व पवन ऊर्जा भंडारण के लिए सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प मानी जाती हैं। नियंत्रित हाइड्रोथर्मल विधि से बने धात्विक-फेज़ नैनोफ़्लेक्स ने 0.2–1.3 वोल्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और बैटरी ने 500 चार्ज–डिस्चार्ज चक्रों के बाद 97.91% क्षमता बनाए रखी। CeNS, DST का स्वायत्त संस्थान है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 19 फरवरी 2026
- संस्थान
- CeNS, बेंगलुरु (DST का स्वायत्त संस्थान)
- पदार्थ
- सल्फ़र-रिक्ति युक्त 1T-फेज़ MoS₂ नैनोफ़्लेक्स
- बैटरी प्रकार
- जलीय ज़िंक-आयन (जल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट)
- संचालन सीमा
- 0.2–1.3 वोल्ट
- स्थिरता
- 500 चक्रों के बाद 97.91% क्षमता
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
CeNS बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने फरवरी 2026 में जलीय ज़िंक-आयन बैटरियों के लिए नए कैथोड पदार्थ की जानकारी दी। वह पदार्थ क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1T-फेज़ मोलिब्डेनम डाइसल्फ़ाइड (1T-MoS₂)
टीम ने कैथोड के रूप में सल्फ़र-रिक्ति युक्त 1T-फेज़ मोलिब्डेनम डाइसल्फ़ाइड (1T-MoS₂) नैनोफ़्लेक्स बनाए।
जलीय ज़िंक-आयन बैटरियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इनमें जल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग होता है। 2. CeNS अध्ययन में ज़िंक धातु का सीधे एनोड के रूप में उपयोग हुआ। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। जलीय ज़िंक-आयन बैटरियाँ जल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग करती हैं और ज़िंक धातु सीधे एनोड के रूप में प्रयुक्त होती है।