C-DAC और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूविज्ञान में AI और HPC के लिए अम्ब्रेला MoU किया
C-DAC और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 4 अगस्त 2026 को भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण और आपदा प्रबंधन में AI और हाई-परफ़ॉर्मेंस कंप्यूटिंग लागू करने के लिए अम्ब्रेला MoU किया।
सारांश
MeitY के तहत प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने 4 अगस्त 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन, नई दिल्ली में अम्ब्रेला समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी C-DAC की हाई-परफ़ॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) को GSI की भूवैज्ञानिक विशेषज्ञता से जोड़कर उप-सतह अन्वेषण, खनिज लक्ष्यीकरण और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटेगी। योजनाओं में बड़े भूभौतिकीय डेटासेट की AI और HPC से प्रोसेसिंग, उच्च-रिज़ॉल्यूशन 3D उप-सतह मानचित्रण और दशकों के असंरचित भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड को एक डोमेन लार्ज लैंग्वेज मॉडल में बदलना शामिल है।
मुख्य तथ्य
- पक्ष
- C-DAC (MeitY) और GSI
- हस्ताक्षर
- 4 अगस्त 2026, इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन, नई दिल्ली
- तकनीक
- AI, HPC, भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड का डोमेन LLM
- क्षेत्र
- भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, आपदा प्रबंधन
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
अगस्त 2026 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ अम्ब्रेला MoU करने वाला C-DAC किस मंत्रालय के अधीन है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
C-DAC MeitY के अधीन है; GSI खान मंत्रालय के अधीन है।