CCPA ने भ्रामक UPSC परिणाम विज्ञापनों पर विज़न IAS पर ₹11 लाख का जुर्माना लगाया
उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2025 को बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 और 2023 के परिणामों पर भ्रामक विज्ञापनों के लिए विज़न IAS पर ₹11 लाख का जुर्माना लगाया।
सारांश
उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2025 को बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 और 2023 के परिणामों पर वेबसाइट पर भ्रामक विज्ञापनों के लिए विज़न IAS (अजयविज़न एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड) पर ₹11 लाख का जुर्माना लगाया। CCPA ने पाया कि दावा किए गए 119+ सफल उम्मीदवारों में से केवल तीन ने फ़ाउंडेशन कोर्स लिया था, जबकि 116 ने केवल टेस्ट सीरीज़, एकबारगी टेस्ट या मॉक इंटरव्यू लिए थे, और इसे छिपाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन है। CCPA ने इसे दोबारा किया गया उल्लंघन माना, इसलिए अधिक जुर्माना लगाया।
मुख्य तथ्य
- प्राधिकरण
- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA)
- जुर्माना
- विज़न IAS (अजयविज़न एजुकेशन प्रा. लि.) पर ₹11 लाख
- दावे
- वेबसाइट पर UPSC CSE 2022 और 2023 के परिणाम
- निष्कर्ष
- 119+ का दावा; केवल 3 फ़ाउंडेशन कोर्स में, 116 टेस्ट/इंटरव्यू कार्यक्रमों में
- कानून
- धारा 2(28), उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (भ्रामक विज्ञापन)
- अधिक जुर्माने का कारण
- दोबारा उल्लंघन माना गया
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
दिसंबर 2025 में भ्रामक UPSC परिणाम विज्ञापनों के लिए CCPA ने विज़न IAS पर कितना जुर्माना लगाया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹11 लाख
PIB 2208482: CCPA ने विज़न IAS (अजयविज़न एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड) पर ₹11 लाख का जुर्माना लगाया।
दिसंबर 2025 में एक कोचिंग संस्थान के विरुद्ध CCPA के आदेश के अनुसार 'भ्रामक विज्ञापन' उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की किस धारा में परिभाषित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — धारा 2(28)
PIB 2208482: महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन है।