सीबीएन के ऑपरेशन वज्र ने 12 करोड़ ट्रामाडोल गोलियों की तस्करी रोकी
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 20 जुलाई 2026 को बताया कि 'ऑपरेशन वज्र' के तहत दिल्ली के एक गोदाम से 12 करोड़ उच्च-क्षमता वाली ट्रामाडोल गोलियां (लगभग 30 टन) जब्त की गईं, जिनके लीबिया भेजे जाने का संदेह था।
सारांश
ऑपरेशन वज्र, जिसे केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की ग्वालियर की निवारक टीमों ने 10 से 20 जुलाई 2026 के बीच बेंगलुरु, दिल्ली और कोच्चि में चलाया, ने 12 करोड़ ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड 250 मिग्रा गोलियों (लगभग 30 टन) की निर्यात खेप का विचलन रोका। खेप कथित रूप से गिनी-बिसाऊ के लिए थी, लेकिन इसे लीबिया भेजे जाने का संदेह था; पूरी खेप दिल्ली के एक गोदाम से जब्त हुई। तीन मुख्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, एक बेंगलुरु से और दो कोच्चि से। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन है।
मुख्य तथ्य
- अभियान
- ऑपरेशन वज्र, 10–20 जुलाई 2026
- एजेंसी
- केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो
- जब्ती
- 12 करोड़ ट्रामाडोल गोलियां, ~30 टन
- मार्ग
- गिनी-बिसाऊ घोषित; लीबिया भेजे जाने का संदेह
- गिरफ्तारी
- 3
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
'ऑपरेशन वज्र' (जुलाई 2026) में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने किस दवा की 12 करोड़ गोलियां जब्त कीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड
CBN ने दिल्ली के एक गोदाम से 12 करोड़ उच्च-क्षमता (250 मिग्रा) ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड गोलियां जब्त कीं।
ऑपरेशन वज्र में जब्त ट्रामाडोल खेप किस देश के लिए निर्यात घोषित थी, जबकि इसे लीबिया भेजे जाने का संदेह था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — गिनी-बिसाऊ
खेप कथित रूप से गिनी-बिसाऊ के लिए थी, लेकिन इसे लीबिया भेजे जाने का संदेह था।