CBIC ने 1 अप्रैल 2026 से कूरियर निर्यात खेप पर ₹10 लाख की सीमा हटाई
केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा के अनुसार CBIC ने 1 अप्रैल 2026 से कूरियर निर्यात पर प्रति खेप ₹10 लाख की सीमा हटा दी।
सारांश
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से ई-कॉमर्स निर्यात और कूरियर व्यापार के सुधार लागू किए। कूरियर निर्यात पर प्रति खेप ₹10 लाख की मूल्य सीमा हटा दी गई। कानूनी आधार वाला 'रिटर्न टू ओरिजिन' (RTO) तंत्र शुरू हुआ, जिसके तहत 15 दिन से अधिक समय तक बिना क्लियर हुए कूरियर आयात वापस भेजे जाएंगे; लौटे और अस्वीकृत पार्सलों के लिए सरल व्यवस्था भी बनाई गई।
मुख्य तथ्य
- सुधार
- कूरियर निर्यात पर प्रति खेप ₹10 लाख की सीमा हटी
- प्रभावी
- 1 अप्रैल 2026
- आधार
- केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा
- नया तंत्र
- 15 दिन से अधिक बिना क्लियर कूरियर आयात के लिए रिटर्न टू ओरिजिन (RTO)
- उद्देश्य
- MSME, कारीगरों और स्टार्ट-अप के ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 अप्रैल 2026 से CBIC ने कूरियर निर्यात पर प्रति खेप कौन-सी मूल्य सीमा हटाई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹10 लाख
कूरियर निर्यात पर प्रति खेप ₹10 लाख की मौजूदा सीमा 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह हटा दी गई।
CBIC के नए रिटर्न टू ओरिजिन (RTO) तंत्र के तहत बिना क्लियर कूरियर आयात कितने दिन बाद वापस भेजे जाएंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 15 दिन
15 दिन से अधिक समय तक बिना क्लियर कूरियर आयात सरल RTO प्रक्रिया से वापस भेजे जाएंगे।