CBDT ने IREDA बॉन्ड को पूँजीगत लाभ छूट हेतु धारा 54EC के तहत अधिसूचित किया
9 जुलाई 2025 से प्रभावी, CBDT ने IREDA द्वारा जारी बॉन्ड को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC के तहत 'दीर्घकालिक निर्दिष्ट परिसंपत्ति' अधिसूचित किया।
सारांश
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (IREDA) के बॉन्ड को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC के तहत 'दीर्घकालिक निर्दिष्ट परिसंपत्ति' के रूप में अधिसूचित किया, जो 9 जुलाई 2025 से प्रभावी है। अधिसूचना की तिथि या उसके बाद जारी, पाँच वर्ष बाद भुनाए जाने योग्य IREDA बॉन्ड पात्र होंगे, जिनमें निवेश कर निवेशक एक वित्त वर्ष में ₹50 लाख तक के दीर्घकालिक पूँजीगत लाभ पर कर बचा सकते हैं। राशि का उपयोग केवल उन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए होगा जो राज्य सरकारों पर निर्भर हुए बिना अपनी आय से ऋण चुका सकें।
मुख्य तथ्य
- अधिसूचना
- CBDT, 9 जुलाई 2025 से प्रभावी
- प्रावधान
- आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC
- कर लाभ
- प्रति वित्त वर्ष ₹50 लाख तक LTCG
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जुलाई 2025 में IREDA बॉन्ड को आयकर अधिनियम, 1961 की किस धारा के तहत 'दीर्घकालिक निर्दिष्ट परिसंपत्ति' अधिसूचित किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — धारा 54EC
MNRE: CBDT ने IREDA बॉन्ड को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC के तहत 'दीर्घकालिक निर्दिष्ट परिसंपत्ति' अधिसूचित किया।
अधिसूचित IREDA 54EC बॉन्ड में निवेश कर निवेशक एक वित्त वर्ष में कितने तक के दीर्घकालिक पूँजीगत लाभ पर कर बचा सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹50 लाख
MNRE: पात्र निवेशक एक वित्त वर्ष में इन बॉन्ड में निवेश कर ₹50 लाख तक के दीर्घकालिक पूँजीगत लाभ पर कर बचा सकते हैं।
जुलाई 2025 में अधिसूचित IREDA 54EC बॉन्ड के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिसूचना केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने जारी की। 2. केवल पाँच वर्ष बाद भुनाए जाने योग्य बॉन्ड पात्र हैं। 3. राशि का उपयोग राजमार्गों सहित किसी भी अवसंरचना परियोजना में हो सकता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: राशि का उपयोग केवल उन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में होगा जो अपनी आय से ऋण चुका सकें।