कैबिनेट ने रतलाम–नागदा और वर्धा–बल्हारशाह रेल मल्टीट्रैकिंग को मंज़ूरी दी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 28 मई 2025 को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लगभग ₹3,399 करोड़ की दो रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं — रतलाम–नागदा तीसरी और चौथी लाइन तथा वर्धा–बल्हारशाह चौथी लाइन — को मंज़ूरी दी।
सारांश
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 28 मई 2025 को भारतीय रेल की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी: रतलाम–नागदा तीसरी और चौथी लाइन तथा वर्धा–बल्हारशाह चौथी लाइन। लगभग ₹3,399 करोड़ की ये परियोजनाएँ 2029-30 तक पूरी होंगी, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चार ज़िलों को कवर करती हैं और नेटवर्क में लगभग 176 किमी जोड़ेंगी। इनकी योजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनी; ये लगभग 784 गाँवों की कनेक्टिविटी बढ़ाएँगी और सालाना 18.40 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की उम्मीद है।
मुख्य तथ्य
- मंज़ूरी
- 28 मई 2025, CCEA
- परियोजनाएँ
- रतलाम–नागदा तीसरी व चौथी लाइन; वर्धा–बल्हारशाह चौथी लाइन
- लागत / पूर्णता
- ~₹3,399 करोड़; 2029-30 तक
- नेटवर्क वृद्धि
- ~176 किमी, महाराष्ट्र व म.प्र. के 4 ज़िले
- गाँव
- ~784
- अतिरिक्त माल
- 18.40 MTPA
- योजना
- पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
28 मई 2025 को कैबिनेट ने किन दो रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — रतलाम–नागदा तीसरी व चौथी लाइन और वर्धा–बल्हारशाह चौथी लाइन
CCEA ने रतलाम–नागदा तीसरी व चौथी लाइन और वर्धा–बल्हारशाह चौथी लाइन को मंज़ूरी दी।
रतलाम–नागदा और वर्धा–बल्हारशाह परियोजनाएँ भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग कितने किलोमीटर जोड़ेंगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 176 किमी
दोनों परियोजनाएँ नेटवर्क में लगभग 176 किमी जोड़ेंगी; 784 उन गाँवों की संख्या है जिन्हें कनेक्टिविटी मिलेगी।