कैबिनेट ने 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों का MSP बढ़ाया; धान (सामान्य) ₹2,441 प्रति क्विंटल
13 मई 2026 को CCEA ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के MSP में वृद्धि को मंज़ूरी दी; धान (सामान्य) ₹2,441 प्रति क्विंटल और सबसे अधिक वृद्धि सूरजमुखी बीज (₹622) में।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंज़ूरी दी। धान (सामान्य) का MSP ₹72 बढ़कर ₹2,441 प्रति क्विंटल हुआ, और सबसे अधिक निरपेक्ष वृद्धि सूरजमुखी बीज (₹622), कपास (₹557), रामतिल (₹515) और तिल (₹500) में हुई। उत्पादन लागत पर अपेक्षित लाभ सबसे अधिक मूंग (61%) में है, इसके बाद बाजरा और मक्का (56% प्रत्येक) तथा तुअर (54%), और बाकी फसलों में 50% है। यह वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर तय करने की बात थी।
मुख्य तथ्य
- मंज़ूरी
- 13 मई 2026, CCEA; 14 खरीफ फसलें, विपणन सत्र 2026-27
- धान (सामान्य)
- ₹2,441/क्विंटल (+₹72)
- सबसे अधिक वृद्धि
- सूरजमुखी बीज ₹622; कपास ₹557; रामतिल ₹515; तिल ₹500
- सर्वाधिक लाभ
- मूंग 61%; बाजरा, मक्का 56%; तुअर 54%
- सिद्धांत
- MSP लागत का कम से कम 1.5 गुना (बजट 2018-19)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए किस फसल के MSP में पिछले वर्ष की तुलना में सबसे अधिक निरपेक्ष वृद्धि हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — सूरजमुखी बीज
सूरजमुखी बीज में सबसे अधिक वृद्धि (₹622 प्रति क्विंटल) हुई, इसके बाद कपास (₹557), रामतिल (₹515) और तिल (₹500)।
खरीफ MSP 2026-27 के तहत उत्पादन लागत पर अपेक्षित लाभ किस फसल में सबसे अधिक है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — मूंग
मूंग में अपेक्षित लाभ सबसे अधिक (61%) है, इसके बाद बाजरा (56%), मक्का (56%) और तुअर/अरहर (54%)।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर तय करने की घोषणा केंद्रीय बजट 2014-15 में की गई थी। 2. विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान (सामान्य) का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
केवल 2 सही है। कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार लागत के 1.5 गुना का सिद्धांत केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित हुआ था।