मंत्रिमंडल ने 10,103 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ खाद्य तेल राष्ट्रीय मिशन - तिलहन को मंज़ूरी दी
3 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024-25 से 2030-31 के लिए 10,103 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ खाद्य तेल राष्ट्रीय मिशन - तिलहन (NMEO-तिलहन) को मंज़ूरी दी।
सारांश
3 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खाद्य तेल राष्ट्रीय मिशन - तिलहन (NMEO-तिलहन) को मंज़ूरी दी, जिसे 2024-25 से 2030-31 तक सात वर्षों में 10,103 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य प्राथमिक तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन (2022-23) से 2030-31 तक 69.7 मिलियन टन करना है। मिशन 'सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी (SATHI)' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन 5-वर्षीय रोलिंग बीज योजना शुरू करेगा, और 65 नए बीज हब स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य तथ्य
- मंज़ूरी
- 3 अक्टूबर 2024 (केंद्रीय मंत्रिमंडल)
- अवधि
- 2024-25 से 2030-31
- परिव्यय
- 10,103 करोड़ रुपये
- लक्ष्य
- प्राथमिक तिलहन 39 MT (2022-23) से 2030-31 तक 69.7 MT
- पोर्टल
- SATHI
- बीज हब
- 65 नए
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
3 अक्टूबर 2024 को मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूर खाद्य तेल राष्ट्रीय मिशन - तिलहन का वित्तीय परिव्यय कितना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 10,103 करोड़ रुपये
PIB (3 अक्टूबर 2024): NMEO-तिलहन 2024-25 से 2030-31 तक सात वर्षों में 10,103 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ लागू होगा।
NMEO-तिलहन का लक्ष्य 2030-31 तक प्राथमिक तिलहन उत्पादन को कितना करना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 69.7 मिलियन टन
PIB (3 अक्टूबर 2024): मिशन का लक्ष्य प्राथमिक तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन (2022-23) से 2030-31 तक 69.7 मिलियन टन करना है।
NMEO-तिलहन के तहत ऑनलाइन 5-वर्षीय रोलिंग बीज योजना किस पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — SATHI
PIB (3 अक्टूबर 2024): मिशन 'सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी (SATHI)' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन 5-वर्षीय रोलिंग बीज योजना शुरू करेगा।