केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹11,718.24 करोड़ की लागत से भारत की जनगणना 2027 को मंज़ूरी दी; पहली डिजिटल जनगणना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को ₹11,718.24 करोड़ की लागत से भारत की जनगणना 2027 कराने को मंज़ूरी दी, जो देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को ₹11,718.24 करोड़ की लागत से भारत की जनगणना 2027 कराने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। जनगणना दो चरणों में होगी: मकान सूचीकरण और आवास जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 तक, और जनसंख्या गणना फ़रवरी 2027 में (लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में सितंबर 2026 में)। जनगणना 2027 पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल का उपयोग होगा, स्व-गणना का विकल्प मिलेगा, और जनसंख्या गणना के दौरान जाति के आँकड़े इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज होंगे। लगभग 30 लाख क्षेत्रीय कार्मिक तैनात होंगे।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 12 दिसंबर 2025
- लागत
- ₹11,718.24 करोड़
- चरण I
- मकान सूचीकरण और आवास जनगणना, अप्रैल–सितंबर 2026
- चरण II
- जनसंख्या गणना, फ़रवरी 2027
- हिमाच्छादित क्षेत्र
- गणना सितंबर 2026 में
- क्षेत्रीय कार्मिक
- लगभग 30 लाख
- पहली बार
- पहली डिजिटल जनगणना; चरण II में जाति के आँकड़े
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
12 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की जनगणना 2027 को कितनी लागत पर मंज़ूरी दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹11,718.24 करोड़
PIB 2202983: मंत्रिमंडल ने ₹11,718.24 करोड़ की लागत से जनगणना 2027 कराने को मंज़ूरी दी।
12 दिसंबर 2025 को स्वीकृत भारत की जनगणना 2027 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मकान सूचीकरण और आवास जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 तक होगी। 2. जाति के आँकड़े मकान सूचीकरण चरण में दर्ज होंगे। 3. लद्दाख में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में होगी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
PIB 2202983: मकान सूचीकरण अप्रैल–सितंबर 2026; जनसंख्या गणना फ़रवरी 2027 में, पर लद्दाख व हिमाच्छादित क्षेत्रों में सितंबर 2026 में; जाति के आँकड़े दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में दर्ज होंगे।