कैबिनेट ने ₹2,157 करोड़ से NH-332A के 4-लेन मरक्कानम–पुदुच्चेरी खंड को मंज़ूरी दी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 8 अगस्त 2025 को तमिलनाडु में NH-332A के 46 किमी लंबे 4-लेन मरक्कानम–पुदुच्चेरी खंड को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर ₹2,157 करोड़ की पूँजीगत लागत से मंज़ूरी दी।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 8 अगस्त 2025 को तमिलनाडु में NH-332A पर लगभग 46 किमी लंबे 4-लेन मरक्कानम–पुदुच्चेरी खंड के निर्माण को मंज़ूरी दी। परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर ₹2,157 करोड़ की कुल पूँजीगत लागत से बनेगी और इसमें ग्रीनफ़ील्ड, एक्सेस-नियंत्रित पुदुच्चेरी बाईपास शामिल है। यह मौजूदा 2-लेन NH-332A पर भीड़ कम करेगी, दो रेलवे स्टेशनों, दो हवाई अड्डों (चेन्नई और पुदुच्चेरी) और कडलूर के छोटे बंदरगाह को जोड़ेगी, और लगभग 8 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष तथा 10 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोज़गार देगी।
मुख्य तथ्य
- मंज़ूरी
- 8 अगस्त 2025, CCEA
- खंड
- मरक्कानम–पुदुच्चेरी, NH-332A, लगभग 46 किमी, 4-लेन
- मोड
- हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM)
- लागत
- ₹2,157 करोड़
- विशेषता
- ग्रीनफ़ील्ड एक्सेस-नियंत्रित पुदुच्चेरी बाईपास
- संपर्क
- 2 रेलवे स्टेशन, चेन्नई और पुदुच्चेरी हवाई अड्डे, कडलूर छोटा बंदरगाह
- रोज़गार
- लगभग 8 लाख प्रत्यक्ष और 10 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
8 अगस्त 2025 को CCEA द्वारा मंज़ूर 4-लेन मरक्कानम–पुदुच्चेरी परियोजना किस राष्ट्रीय राजमार्ग पर है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — NH-332A
परियोजना मरक्कानम से पुदुच्चेरी तक NH-332A के लगभग 46 किमी को चार लेन में बदलती है।
अगस्त 2025 में मंज़ूर मरक्कानम–पुदुच्चेरी राजमार्ग परियोजना किस मोड पर विकसित होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — हाइब्रिड एन्युटी मोड
परियोजना ₹2,157 करोड़ की कुल पूँजीगत लागत से हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर विकसित होगी।
मरक्कानम–पुदुच्चेरी परियोजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसमें ग्रीनफ़ील्ड, एक्सेस-नियंत्रित पुदुच्चेरी बाईपास शामिल है। 2. यह कडलूर के छोटे बंदरगाह से जुड़ेगी। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। परियोजना में ग्रीनफ़ील्ड, एक्सेस-नियंत्रित पुदुच्चेरी बाईपास शामिल है, और उन्नत कॉरिडोर दो रेलवे स्टेशनों, दो हवाई अड्डों और कडलूर के छोटे बंदरगाह को जोड़ेगा।