C-DOT और STL ने मल्टी-कोर फ़ाइबर पर भारत का पहला क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन किया
संचार मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2025 को बताया कि C-DOT और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड (STL) ने 4-कोर मल्टी-कोर फ़ाइबर पर भारत के पहले क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) का परीक्षण किया और 100 किमी से अधिक दूरी पर स्थिर लिंक स्थापित किया।
सारांश
संचार मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2025 को बताया कि दूरसंचार विभाग के दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र सेंटर फ़ॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स (C-DOT) और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड (STL) ने 4-कोर मल्टी-कोर फ़ाइबर (MCF) पर भारत के पहले QKD प्रसारण का परीक्षण किया। क्वांटम सिग्नल एक कोर से भेजे गए, जबकि बाकी तीन कोर में हाई-स्पीड यूज़र डेटा चला, और 100 किमी से अधिक दूरी पर स्थिर QKD लिंक बना। QKD के लिए आमतौर पर क्वांटम चैनल हेतु अलग डार्क फ़ाइबर चाहिए; MCF से क्वांटम और सामान्य सिग्नल एक ही फ़ाइबर के अलग-अलग कोर में चल सकते हैं, जिससे फ़ाइबर लागत बचती है। C-DOT के QKD सिस्टम को दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (TEC) से तकनीकी मंज़ूरी मिली है।
मुख्य तथ्य
- साझेदार
- C-DOT और STL
- पहली बार
- मल्टी-कोर फ़ाइबर पर भारत का पहला QKD
- फ़ाइबर
- 4-कोर: 1 कोर क्वांटम, 3 कोर डेटा
- दूरी
- 100 किमी से अधिक
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अप्रैल 2025 में घोषित C-DOT–STL परीक्षण में मल्टी-कोर फ़ाइबर पर स्थिर QKD लिंक कितनी दूरी से अधिक पर बना?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 100 किमी
100 किमी से अधिक, उसी फ़ाइबर पर उच्च-क्षमता डेटा के साथ।
मल्टी-कोर फ़ाइबर पर भारत के पहले QKD (C-DOT और STL) में फ़ाइबर का उपयोग कैसे हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 4-कोर फ़ाइबर: एक कोर क्वांटम, तीन कोर यूज़र डेटा
4-कोर MCF का उपयोग हुआ: एक कोर में क्वांटम सिग्नल और बाकी तीन में हाई-स्पीड यूज़र डेटा।