राष्ट्रीय संग्रहालय में कपिलवस्तु अवशेषों की वंदना के साथ बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई
बुद्ध पूर्णिमा, 12 मई 2025 को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और किरेन रिजिजू ने राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में पुष्पांजलि का नेतृत्व किया, जहाँ उत्तर प्रदेश के पिपरहवा से उत्खनित कपिलवस्तु अवशेष प्रतिष्ठापित हैं।
सारांश
12 मई 2025 को राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वंदना के साथ बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक या बुद्ध जयंती) मनाई गई। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संसदीय कार्य व अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पुष्पांजलि का नेतृत्व किया; रिजिजू ने प्रधानमंत्री की ओर से वैश्विक बौद्ध समुदाय को शुभकामनाएँ दीं। उत्सव के केंद्र में उत्तर प्रदेश के पिपरहवा से उत्खनित कपिलवस्तु अवशेष थे, जो संग्रहालय की बुद्ध दीर्घा में प्रतिष्ठापित हैं। शेखावत ने आठ महान चमत्कारों (अष्टमहाप्रातिहार्य) को दर्शाने वाली शिला पर ध्यान दिलाया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 12 मई 2025
- स्थल
- राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
- अवशेष
- कपिलवस्तु अवशेष, पिपरहवा (उत्तर प्रदेश)
- आठ महान चमत्कार
- अष्टमहाप्रातिहार्य
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
12 मई 2025 को राष्ट्रीय संग्रहालय में बुद्ध पूर्णिमा समारोह के केंद्र में रहे कपिलवस्तु अवशेष कहाँ से उत्खनित किए गए थे?
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सही उत्तर: B — पिपरहवा
राष्ट्रीय संग्रहालय की बुद्ध दीर्घा में प्रतिष्ठापित कपिलवस्तु अवशेष उत्तर प्रदेश के पिपरहवा से उत्खनित किए गए थे।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 2025 में वैशाख की पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) 12 मई को थी। 2. संस्कृति मंत्रालय और IBC द्वारा प्रदर्शित प्रदर्शनियाँ पहले वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस 2025 समारोह का हिस्सा थीं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
संस्कृति मंत्रालय की विज्ञप्ति (PIB 2128689) के अनुसार दोनों कथन सही हैं।
बौद्ध कला में बुद्ध के जीवन के 'आठ महान चमत्कारों' के लिए प्रयुक्त शब्द, जिस पर बुद्ध पूर्णिमा 2025 को राष्ट्रीय संग्रहालय में ध्यान दिलाया गया, क्या है?
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सही उत्तर: A — अष्टमहाप्रातिहार्य
आठ महान चमत्कारों को अष्टमहाप्रातिहार्य कहा जाता है। पंचतथागत पाँच दिव्य बुद्धों को कहते हैं।