BSIP अध्ययन में कोयले में संरक्षित प्राचीन गोंडवाना जंगल की आग के आणविक प्रमाण मिले
DST के स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP) के शोधकर्ताओं को लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले प्राचीन गोंडवाना जंगलों में फैली विशाल आग के आणविक प्रमाण मिले; इसकी जानकारी 25 मई 2026 को दी गई।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान BSIP के शोधकर्ताओं ने पर्मियन काल की प्राचीन आग की घटनाओं के पुनर्निर्माण के लिए पैलिनोफेसीज़ विश्लेषण (अवसादी चट्टानों में संरक्षित सूक्ष्म जैविक पदार्थ का अध्ययन) को रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी और फूरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड (FTIR) स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी आणविक विधियों के साथ जोड़ा। यह कार्य लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले प्राचीन गोंडवाना जंगलों में लगी विशाल आग के आणविक प्रमाण देता है, जिसने पृथ्वी की जलवायु, वनस्पति और कोयला बनने के वातावरण को आकार दिया। यह ऑक्सीकृत अपारदर्शी फाइटोक्लास्ट (OX-CH) और आग से बने फाइटोक्लास्ट (PAL-CH) में अंतर करने में मदद करता है, जो पहले केवल सूक्ष्मदर्शी आधारित अध्ययनों में कठिन था।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), DST का स्वायत्त संस्थान
- खोज
- लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले गोंडवाना जंगलों में आग के आणविक प्रमाण
- काल
- पर्मियन
- विधियां
- पैलिनोफेसीज़ विश्लेषण + रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी + FTIR स्पेक्ट्रोस्कोपी
- अंतर
- OX-CH (ऑक्सीकृत) बनाम PAL-CH (आग से बने) अपारदर्शी फाइटोक्लास्ट
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2026 में बताए अनुसार किस संस्थान के शोधकर्ताओं को कोयले में संरक्षित प्राचीन गोंडवाना जंगल की आग के आणविक प्रमाण मिले?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान
यह अध्ययन DST के स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP) के शोधकर्ताओं ने किया।
BSIP के प्राचीन आग अध्ययन (मई 2026) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले गोंडवाना जंगलों में आग के प्रमाण मिले। 2. इसमें पैलिनोफेसीज़ विश्लेषण को रमन और FTIR स्पेक्ट्रोस्कोपी के साथ जोड़ा गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
अध्ययन में पैलिनोफेसीज़ विश्लेषण को रमन और FTIR स्पेक्ट्रोस्कोपी के साथ जोड़ा गया और लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले गोंडवाना जंगलों में आग के प्रमाण मिले।